कल्चर / पीयू वीसी साथ लेकर चलते हैं सिक्योरिटी गार्ड और फोटोग्राफर



PU VC goes along with the security personnel
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PU VC goes along with the security personnel

  • वीसी का वीआईपी कल्चर गाड़ी के आगे चलती है सिक्योरिटी वैन
  • आने-जाने के समय कैंपस में रोक दिया जाता है रास्ता

Dainik Bhaskar

Mar 24, 2019, 03:01 PM IST

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा ने बेशक वीआईपी कल्चर खत्म कर दिया हो, लेकिन इसकी राजधानी और स्टेट यूनिवर्सिटी में इन दिनों ये कल्चर जोरों पर है। प्रो. राज कुमार पहले वाइस चांसलर हैं, जिन्हें सिक्योरिटी की इतनी जरूरत है कि उन्होंने अपने पूरे घर की किलाबंदी कर डाली है।

 

जुलाई में वीसी नियुक्त हुए प्रो. राज कुमार के आगे यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी की गाड़ी हर समय रहती है। यहां तक कि वीसी जब शहर के कॉलेजों में फंक्शन पर जाते हैं, उस समय सिक्योरिटी ऑफिसर उनके आगे-पीछे रहते हैं।

 

वीसी रेजिडेंट्स पर गार्डों की संख्या बढ़ाकर दो गुना कर दी गई है। उनसे 18-18 घंटे तक काम लिया जा रहा है। हालांकि नो व्हीकल जोन सहित कई काम हैं जो कम स्टाफ की बात कहकर टाले जा रहे हैं।

 

दिल्ली या कैंपस से कहीं भी बाहर यदि वीसी ड्यूटी पर जाते हैं तो उनके साथ गाड़ी में एक गार्ड रहता है। इससे पहले प्रो. केएन पाठक ने पुलिस से गार्ड लिया था, लेकिन कभी भी यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी का ऐसा उपयोग किसी वीसी ने नहीं किया।

 

वीसी ने नवतेज सिंह यानि टेक्निकल मुलाजिम को अपना निजी फोटोग्राफर बना रखा है। वे हर मौके, हर विजिट में साथ होते हैं। असिस्टेंट राेहित आहूजा को स्पेशल असिस्टेंट का दर्जा दिया गया, जबकि इंद्र मोहन पहले से ही स्पेशल ऑफिसर हैं।

 

इस सर्कुलर पर विभाग के डीआर के बजाय एक जूनियर अधिकारी के साइन हैं। सीयूएस का चार्ज प्रो. अश्वनी कौल के पास है, लेकिन वे दिनभर वीसी के साथ ही होते हैं। अपना काम छोड़ वीसी के साथ नजर आने वाले इस स्टाफ की क्लासेज या काम का पीयू प्रशासन के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।

 

इस बारे में वीसी प्रो. राज कुमार और यूनिवर्सिटी प्रवक्ता रेणुका बांका सलवान को ई-मेल व फोन के जरिए संपर्क किया गया। तीन दिन बाद भी उन्होंने यही जवाब दिया कि सब कुछ रूल्स और प्रोसिजर के हिसाब से व यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की राय पर किया जा रहा है।

 

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