चंडीगढ़ / पीयूसीएससी इलेक्शन: सेक्रेटरी पद पर आज दोबारा से हो रही है वोटों की काउंटिंग



PUCSC election: Re-counting of votes for the post of secretary.
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PUCSC election: Re-counting of votes for the post of secretary.

  • डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर, प्रो. नीना कपिलाश, प्रो. नवल किशोर वाली ग्रीवेंस कमेटी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिया फैसला

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2019, 01:08 PM IST

चंडीगढ़. पीयू कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (पीयूसीएससी) इलेक्शन के लिए सेक्रेटरी पद के लिए जिमनेजियम हॉल में दोबारा काउंटिंग हो रही है। ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में  यह फैसला लिया गया। डीएसडब्ल्यू प्रो इमैनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू वुमन प्रो नीना कपिलाश और पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो नवल किशोर वाली कमेटी ने  सभी पक्षों की सुनवाई की। 

 

इस पद पर एनएसयूआई के तेगबीर सिंह 10 वोट से इनसो के गौरव दुहान से जीते हैं। 1997 में पहली बार पीयू में डायरेक्ट इलेक्शन हुए थे अाैर उसके बाद से ये पहली बार है जब रिजल्ट डिक्लेयर हाेने के बाद रीकाउंटिंग हाेगी।


लगभग पांच राउंड लगातार गौरव दुहान आगे चल रहे थे और इनसो ने जीत का जश्न भी शुरू कर दिया था। लेकिन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) से बड़ी लीड लेकर तेगबीर जीत गए।

 

मौके पर मौजूद इनसो नेताओं ने पहले नोटा के वोट चेक किए और इसके बाद यूआईईटी की रीकाउंटिंग के लिए कहा जो मौके पर ही कर दी गई थी। इनसो के अनिल ढुल्ल और रजन नैन ने आरोप लगाया है कि उन्हाेंने रीकाउंटिंग की डिमांड रिजल्ट डिक्लेयर होने से पहले ही की थी।

 

वह एप्लीकेशन लिख ही रहे थे कि इसी बीच रिजल्ट डिक्लेयर कर दिया गया। एनएसयूआई को फायदा पहुंचाने के लिए कांग्रेस से संबंद्ध डीएसडब्ल्यू प्रो नाहर ने ऐसा किया। इनसो रिजल्ट डिक्लेयर होने के बाद धरने पर बैठी हुई है।

 

उन्होंने डिमांड की है कि कमेटी में प्रो नवदीप गोयल और डाॅ. जितेंद्र ग्रोवर नहीं होने चाहिए। इनसो की डिमांड पर सेक्रेटरी पद के सभी वोट सील करने के बाद उस पर इनसो नेताओं के साइन भी करवा लिए गए थे।

 

वोटों को सील करने के आदेश उसी समय दे दिए गए थे जब रिजल्ट डिक्लेयर होने के बाद रीकाउंटिंग का शोर मचना शुरू हुआ। स्टूडेंट्स की डिमांड है कि हर वोट काे सीरियल नंबर के साथ चेक किया जाए। हर डिपार्टमेंट में भेजी गई वोट का सीनियल नंबर नोट होता है। इसलिए सीनियर नंबर के साथ ही वोट को गिना जाए। काउंटिंग का पैनल चेंज करने की डिमांड भी रखी है।


यह है नियम:  नियम अनुसार रिजल्ट डिक्लेयर होने के 48 घंटे के अंदर स्टूडेंट अपनी ग्रीवेंस कह सकते हैं। यदि एक फीसदी से कम वोट का अंतर हो तो रीकाउंटिंग कराई जा सकती है। स्टूडेंट्स के संपर्क के बाद कमेटी की इच्छा अनुसार सुनवाई करने का डिसिजन लेती है। यदि कमेटी सुनवाई का डिसिजन लेती है तो 12 घंटे में उनको अपना डिसिजन देना होता है। यदि स्टूडेंट संतुष्ट नहीं होते तो वह वीसी को संपर्क कर सकते हैं। उनके पास कोर्ट जाने का रास्ता खुला रहता है।

 

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