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पीयू फाउंडेशन डे / सुनने वालों के इंतजार में 40 मिनट तक बैठे रहे चीफ गेस्ट



Punjab University Golden Jubilee Program
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Punjab University Golden Jubilee Program

  • गोल्डन जुबली हॉल में लेक्चर के लिए भीड़ जुटानी हुई मुश्किल 

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 05:07 AM IST

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी के फाउंडेशन डे लेक्चर का आयोजन इस बार लॉ ऑडिटोरियम के बजाय गोल्डन जुबली हॉल में किया गया था, लेकिन यूनिवर्सिटी छोटी सी जगह में भी सुनने वाले नहीं जुटा पाई। सुनने वालों के इंतजार में फाउंडेशन डे का लेक्चर देने आए गांधी पीस मिशन के चेयरमैन प्रो. नीलकंठ राधाकृष्णन करीब 40 मिनट तक बैठकर इंतजार करते रहे।

 

इसके बाद यूनिवर्सिटी ने श्रीलंका से आए डेलिगेशन के मेंबर्स को बुलाकर हॉल भरा। अभी तक पूरा चीफ गेस्ट का बायोडाटा ही बोला जा रहा था कि श्रीलंका से आए डेलिगेशन के मेंबर्स अपने शेड्यूल के अनुसार बाहर निकलने लगे। इस बीच डायस पर बैठे वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार के चेहरे के भाव लगातार बदलते रहे।

 

परिस्थिति ये थी कि उन्होंने बायोडाटा बता रहे डॉ. गुरमीत सिंह को डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन (डीयूआई) प्रो. शंकर जी झा के जरिए कहलाया कि लेक्चर के लिए चीफ गेस्ट को निमंत्रित करें। चीफ गेस्ट के माइक पर पहुंचने के बाद यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूएसओएल) में बीए के पर्सनल कान्टैक्ट के लिए आए स्टूडेंट्स को बुलाया गया।

 

सभी हॉस्टलों में संदेश दिया गया कि वह अपने साथ पांच-पांच हॉस्टलर्स लेकर पहुंचे। पता लगा कि ऑर्गेनाइजर्स ने करीब तीन-चार दिन पहले सभी को इस फाउंडेशन डे लेक्चर के लिए सभी चेयरपर्संस काे ईमेल कर दी थी। ये सातवां फाउंडेशन डे लेक्चर था।


 

प्रोग्राम यूनिवर्सिटी का था, न कि डिपार्टमेंट का। फिर भी इस बार गांधी जी की फिलॉसिफी पर फाउंडेशन डे लेक्चर होने की वजह से पहुंचना चाहिए था लेकिन निजी कारण से रिश्तेदारी में आना पड़ा और मैं चंडीगढ़ में ही नहीं हूं। -डॉ. आशु पसरीचा, चेयरपर्सन डिपार्टमेंट ऑफ गांधियन एंड पीस स्ट्डीज

 

 

 

 

मैंने सभी को ईमेल के जरिए जानकारी भेजी थी और कुछेक को निजी तौर पर कार्ड भी दिए थे। सबके पास निजी तौर पर जाना या फोन करना संभव नहीं था। -डॉ. मनीष शर्मा, कोआर्डिनेटर

 

 

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