चंडीगढ़ / पंजाबी टीचर की ज्वाइनिंग कराने में 14 माह की देरी, 50 हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश

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  • बीए में पंजाबी इलेक्टिव पास नहीं करने के चलते नहीं करने दी गई थी ज्वाइनिंग
  • हाईकोर्ट के दख्ल के बाद सरकार वेतन के साथ वेतन भत्ते देने के लिए भी हुई तैयार 

दैनिक भास्कर

Jan 17, 2020, 06:59 PM IST

चंडीगढ़ (ललित कुमार). पंजाबी की टीचर को नौकरी ज्वाइन कराने में 14 माह की देरी पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को टीचर नेहा भगत को 50 हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। याचिका में नेहा ने कहा कि पंजाबी टीचर के लिए उसका चयन कर लिया गया था।

उसे अप्वाइंट लेटर भी जारी कर दिया लेकिन जब वह ज्वाइन करने के लिए 18 दिसंबर 2006 को पहुंची तो उसे ज्वाइन नहीं करने दिया गया। जालंधर के डिस्ट्रिक्ट एजूकेशन आफिसर (सेकेंडरी) ने कहा कि इस मामले को एजूकेशन डिपार्टमेंट (सेकेंडरी) के डायरेक्टर को रेफर किया गया है।

कहा गया कि उसने बीए में पंजाबी इलेक्टिव पास नहीं की जबकि पंजाबी कंप्लसरी सब्जेक्ट पास किया है। यह मामला लगभग 14 माह विचाराधीन रहा और अंत में 14 फरवरी 2008 को उसे ज्वाइन करने के लिए कहा गया। उसने 16 फरवरी को नौकरी ज्वाइन की। नेहा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 14 महीने के भत्ते व लाभ दिए जाने की मांग की।

शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट में कहा कि 14 माह के समय को ड्यूटी पीरियड मान लिया गया है लेकिन काम न करने के चलते वेतन भत्ते देने से इंकार किया गया है। हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि काम न करने के लिए याची को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता लिहाजा सरकार उसे 50 हजार रुपये मुआवजा दें।

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