चंडीगढ़ / देश के सबसे बड़े 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, देखने पहुंचे हजारों लोग



दहन होने से पहले देश का सबसे ऊंचा 221 फुट का रावण दहन होने से पहले देश का सबसे ऊंचा 221 फुट का रावण
दहन हुआ 221 फुट का रावण दहन हुआ 221 फुट का रावण
सेक्टर-46 में दहन हो रहा रावण सेक्टर-46 में दहन हो रहा रावण
सेक्टर-46 में छोटे राम लक्ष्मण बने नौनिहाल अपनी मां के साथ सेक्टर-46 में छोटे राम लक्ष्मण बने नौनिहाल अपनी मां के साथ
मोहाली फेज 8 में दहन होते रावण को देख खुश होते राम-लक्ष्मण मोहाली फेज 8 में दहन होते रावण को देख खुश होते राम-लक्ष्मण
रावण के साथ सेल्फी लेते लोग रावण के साथ सेल्फी लेते लोग
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दहन होने से पहले देश का सबसे ऊंचा 221 फुट का रावणदहन होने से पहले देश का सबसे ऊंचा 221 फुट का रावण
दहन हुआ 221 फुट का रावणदहन हुआ 221 फुट का रावण
सेक्टर-46 में दहन हो रहा रावणसेक्टर-46 में दहन हो रहा रावण
सेक्टर-46 में छोटे राम लक्ष्मण बने नौनिहाल अपनी मां के साथसेक्टर-46 में छोटे राम लक्ष्मण बने नौनिहाल अपनी मां के साथ
मोहाली फेज 8 में दहन होते रावण को देख खुश होते राम-लक्ष्मणमोहाली फेज 8 में दहन होते रावण को देख खुश होते राम-लक्ष्मण
रावण के साथ सेल्फी लेते लोगरावण के साथ सेल्फी लेते लोग

  • देश का सबसे बड़े 221 फुट के रावण का दहन चंडीगढ़ के धनास में किया गया
  • मोहाली में 32 और पंचकूला में 15 से ज्यादा जगहों पर रावण दहन हुआ

Dainik Bhaskar

Oct 08, 2019, 09:18 PM IST

चंडीगढ़. देश के सबसे बड़े 221 फुट के रावण का दहन चंडीगढ़ के धनास में किया गया। इस रावण का दहन देखने के लिए ट्राइसिटी से लोग बड़ी तादाद में पहुंचे। दरअसल, ट्राइसिटी में मंगलवार को 65 से ज्यादा जगहों पर रावण दहन हुआ। जिसमें चंडीगढ़ में 33 जगह, मोहाली में 32 और पंचकूला में 15 से ज्यादा जगहों पर रावण दहन हुआ। लंकापति रावण के दहन से पहले कई जगह उसकी पूजा की गई।

 

 

रिमोट कंट्रोल द्वारा फूंके गए रावण, मेघनाथ और कुंभकरण :

अस्तित्व के 56 वर्ष मना रही सेक्टर 27 की रामलीला कमेटी ने इस बार नई तकनीकों का उपयोग परम्पराओं का नया आयाम दिया गया। रावण (55 फीट), मेघनाथ (50 फीट) और कुंभकरण (50 फीट) तीनों पुतलों को रिमोट कंट्रोल से दहन किया गया। यहां पर श्रीराम चन्द्र की सेना की झांकियों के पश्चात मुख्यातिथि यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद रिमोट कंट्रोल जबकि श्रीराम के वाणाें से पुतलों को ध्वस्त किया गया

 

रावण की दहन से पहले पूजा : श्री रामलीला कमेटी सेक्टर 32 डी 60 फुट के रावण मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले के मुख, आंखों, कानों में से अंगारे आकर्षक तरीके से निकलते हुए दिखाई दिया और इनमें पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए इको फ्रेंडली आतिशबाजी का उपयोग किया गया। इससे पहले यहां पर हमारे मुख्य अतिथियों द्वारा रावण की पूजा की गई । रावण एक महान पंडित और 16 कलां सम्पूर्ण विद्वान था ।


रावण की घूमी गर्दन : सेक्टर 46 में पिछली बार की तरह अभी भाषण चल ही रहा था कि इस दौरान चले एक पटाखे से रावण खुद ही जल गया। यहां पर स्पाेर्टस में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली स्टूडेंट काे सम्मानित किया गया। यहां पर पवन कुमार बंसल चीफ गेस्ट थे। दहन से पहले शाेभायात्रा निकाली गई उसके बाद रावण काे रथ पर स्वार किया गया।
 

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