पीयू चंडीगढ़ / अटेंडेंस जरूरी रखने पर सहमति नहीं, ये 24 घंटे नियम का उल्लंघन



SFS objected to new hostel rules in Punjab University.
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SFS objected to new hostel rules in Punjab University.

  • नए हॉस्टल रूल्स का एसएफएस ने किया विरोध
  • हाल ही में सिंडीकेट ने पास किए थे नए रूल्स
  • डीएसडब्ल्यू बोले : मोबिलिटी रजिस्टर और एक बार अटेंडेंस जरूरी

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 07:31 PM IST

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में अटेंडेंस जरूरी करने संबंधित प्रकाशित नियमों पर स्टूडेंट्स फॉर सोसायटी (एसएफएस) ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि हॉस्टल रूल्स में लिखा गया है कि अटेंडेंस एक बार लगाना जरूरी है।

 

इसके अलावा बात ना मानने वाले स्टूडेंटस् को हॉस्टल से बाहर करने की बात है। ये बात हॉस्टलों में विजिट के दाैरान वीसी कह चुके हैं और वार्डन भी कह रहे हैं। पीयू ने पिछले साल ही लंबे संघर्ष के बाद हॉस्टल में 24 घंटे एंट्री को मंजूरी दी है।

 

ये नियम एक बार फिर मनुवादी मानसिकता को दर्शाते हैं जो औरत को आाजदी को बर्दाशत ही नहीं कर सकते। डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर ने कहा कि किसी को भी हॉस्टल से निकालने का काेई नियम नहीं है।

 

ये गलत आरोप है। एक मोबिलिटी रजिस्टर पर स्टूडेंट्स ने खुद ही सहमति दी थी। स्टूडेंट्स एक बार अटेंडेंस लगाएं और उसके बाद जहां चाहे जाएं, उनको कुछ नहीं कहा जाएगा। वैसे भी वीसी ने हॉस्टल नियमों को लेकर जो कमेटी बनाई थी, उसी ने रूल्स बनाए हैं और सिंडीकेट किया। इसमें वार्डनों का कुछ लेना-देना नहीं है।

 

एसएफएस ने लिखा है कि बीते साल दिसंबर में 48 दिन तक चले संघर्ष में पीयू ने 24 घंटे हॉस्टल की आजादी देकर महिला-पुरुष समानता की मिसाल पेश की थी लेकिन अब वार्डनों की अनौपचारिक टिप्पणियां बता रही हैं वह सिर्फ दिखावा था और पुराने नियम ही लागू किए जा रहे हैं।

 

लड़कियों की सुरक्षा के बहाने उनको रात को 9 से 10 के बीच अटेंडेंस जरूरी कर दी गई है। एसएफएस पिछले लगातार तीन-चार सालों से यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। यदि ये स्मार्ट मूव लिए गए तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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