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मोहाली. पंजाब इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के सीनियर सुपरिटेंडेंट कुलविंदर सिंह की हत्या मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। कुछ दिन पहले कुलविंदर सिंह की महिला दोस्त शीतल शर्मा और इकबाल सिंह ने उधार के 30 लाख रुपए नहीं देने पड़े इसलिए हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों फरार हो गए थे। घटना के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
पहले शराब पिलाई फिर हत्या कर दी
इकबाल ने योजना के तहत कुलविंदर को पहले चंडीगढ़ के एक होटल में शराब पिलाई और फिर घुमाने के बहाने एयरपोर्ट रोड पर ले आया। पेशाब करने के बहाने वह कार से नीचे उतरा और कुलविंदर को पास पड़े पत्थर से पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को वहीं फेंक कर उसपर प्लास्टिक का लिफाफा चढ़ा दिया। ताकि किसी की नजर शव पर न पड़े। मर्डर करने के बाद वह सेक्टर-23 स्थित शीतल के घर पहुंचा और उसे सारी बात बताई। उसके बाद दोनों फरार हो गए।
2006 से ही थी शीतल और कुलविंदर की दोस्ती
वर्ष 2006 से ही शीतल और कुलविंदर में दोस्ती थी। कई सालों की इस दोस्ती को शीतल अब शादी का नाम देना चाहती थी लेकिन जानती थी कि कुलविंदर कभी नहीं मानेगा। इसलिए उसने कुलविंदर के आगे दो शर्त रखी। या तो वह उससे शादी कर उसके अवैध रिश्ते को वैध का नाम दे या फिर उसको 50 लाख और एक फ्लैट लेकर दे ताकि वह अपनी बची हुई जिंदगी आराम से गुजार सके। कुलविंदर ने इतनी रकम देने से इनकार कर दिया।
इकबाल ने चली डबल चाल
दाे साल पहले कुलविंदर और शीतल की दोस्ती के बीच संगरूर का रहने वाला प्रापर्टी डीलर इकबाल आ गया। इसने पहले धीरे-धीरे कुलविंदर और शीतल की दोस्ती पर सेंध लगाई और फिर कुलविंदर के पैसों पर आंख गड़ा दी। पूछताछ के दौरान इकबाल ने पुलिस को बताया कि दिसंबर माह से लेकर अब तक कुलविंदर से वह 30 लाख रुपए ले चुका है।
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