छात्रों का रिजल्ट खराब आया ताे शिक्षक, प्रिंसिपल और डीईओ जिम्मेदार: शिक्षा विभाग

3 वर्ष पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।
  • खराब रिजल्ट लाने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर देने के निर्देश

चंडीगढ़. ग्रामीण क्षेत्राें में शिक्षा स्तर सुधारने के लिए िशक्षा िवभाग अब सख्त हो गया है। गांवों के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने में यदि शिक्षक लापरवाही करता है तो विभाग द्वारा उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही िप्रंसिपल और िजला शिक्षा अिधकारी को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इससे शिक्षक अपने स्कूल का रिजल्ट अच्छा लाने के लिए बाध्य होंगे।
 
विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने िजले के ऐसे स्कूलों के शिक्षकों के बारे में 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट दें जो ठीक से काम कर रहे हैं और जो नहीं कर रहे हैं। शिक्षा अधिकारी यह रिपोर्ट आगे विभाग के सचिव कृष्ण कुमार के पास भेजेंगे। विभाग ने इसके िलए नोटिफिकेशन भी जारी किया है। वहीं, िवभाग शिक्षकों के बारे में रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए एक परफार्मा तैयार करवा रहा है। इसमें शिक्षक की डिटेल के साथ उसकी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या और बीते वर्षों में उसके रिजल्ट आदि के बारे में जानकारी देनी होगी। इसके बाद विभाग उस शिक्षक के रिकाॅर्ड को देखते हुए कार्रवाई कर सकेगा।
 

रिजल्ट खराब आने पर पूछा जाएगा कारण
आदेश में सभी डीईओ को कहा गया है कि गांवों में शिक्षा का स्तर सुधारने को अब शिक्षकों की जवाबदेही तय की जा रही है। अगर किसी शिक्षक का रिजल्ट अच्छा नहीं आया तो उस पर कार्रवाई के साथ डीईओ से भी जबाव तलब किया जाएगा। 
 

पिछले नतीजों को देख जारी की है हिदायत
शिक्षा विभाग ने बीते वर्ष का रिजल्ट खंगाला तो पाया कि कई ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के नतीजे खराब थे। विभाग ने पहले कार्रवाई की बात कही थी लेकिन शिक्षकों ने इसे नजरअंदाज कर िदया था। अब विभाग इस मामले पर गकार्रवाई करने का मन बना चुका है।
 
 

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