चंडीगढ़ / पीजीआई में 110 साल की महिला का सफल हिप रिप्लेसमेंट, इस उम्र में यह एशिया की पहली सर्जरी

110 साल की मंजौकी यूपी के प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं। 110 साल की मंजौकी यूपी के प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं।
पीजीआई में महिला की पार्शियल हिप रिप्लेसमेंट करने वाली डॉक्टरों की टीम। पीजीआई में महिला की पार्शियल हिप रिप्लेसमेंट करने वाली डॉक्टरों की टीम।
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110 साल की मंजौकी यूपी के प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं।110 साल की मंजौकी यूपी के प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं।
पीजीआई में महिला की पार्शियल हिप रिप्लेसमेंट करने वाली डॉक्टरों की टीम।पीजीआई में महिला की पार्शियल हिप रिप्लेसमेंट करने वाली डॉक्टरों की टीम।

  • भारत में पार्शियल हिप रिप्लेसमेंट कराने वाली सबसे अधिक उम्र की महिला बनीं मंजौकी
  • यूके में 112 साल की महिला का ऑप्रेशन हो चुका है, यह रिकॉर्ड गिनीज बुक में दर्ज है

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2020, 09:45 AM IST

चंडीगढ़. पीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थेपेडिक सर्जरी ने 110 साल की महिला की कमर का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया है। ये भारत में पार्शियल हिप रिप्लेसमेंट वाली सबसे अधिक उम्र की महिला है। आंकड़ों के अनुसार एशिया में इस उम्र में अब तक कोई सर्जरी नहीं हुई है। यूके में जरूर 112 साल की महिला का ऑपरेशन हुआ था जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में मौजूद है।  

प्रो. विजय जी गोनी, डॉ. तनवीर सामरा, डॉ. दीपक, डॉ. करन, डॉ. प्रदीप और डॉ. सुमित की टीम ने 8 दिसंबर को ये सर्जरी की थी। चार जनवरी को बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर्स ने उन्हें वॉकर के सहारे दोबारा चलाकर देखा और मंगलवार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया।

उत्तरप्रदेश की रहने वालीं हैं मंजौकी

110 साल की मंजौकी यूपी के प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं। वे पिछले 10 साल से मौलीजागरा में रह रही हैं। 29 दिसंबर को वॉकर के सहारे चलते हुए वे घर पर गिर गई थीं, जिससे उनके राइट हिप बोन में फ्रैक्चर था। पोते विजय कुमार ने बताया कि चोट लगने के बाद वे अपनी दादी को एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए। वहां पर बताया कि ऑपरेशन होगा। सर्जरी की तैयारी कर दी गई, लेकिन ऐन मौके पर डॉक्टरों की टीम ने यह कह कर इनकार कर दिया कि उनकी उम्र ज्यादा है, सर्जरी नहीं हो सकती।

पहले कभी अस्पताल नहीं गईं

पीजीआई के प्रो. गोनी बताते हैं कि जब मरीज उनके पास पहुंची तो उम्र के हिसाब से वे ठीक थीं। आमतौर पर इस उम्र से पहले ही शूगर, बीपी या अन्य कई बीमारियां हो जाती हैं। लेकिन 110 साल की उम्र तक बुजुर्ग कभी अस्पताल नहीं गई थीं। वे अस्पताल नहीं आना चाहती थीं। यहां तक कि वह इंजेक्शन नहीं लगाने दे रही थीं। काउंसिलिंग की और सर्जरी शुरू की। वे लिंब पर भार नहीं डाल पा रही थीं। 8 जनवरी को सर्जरी की गई। सर्जरी का मकसद था बिना दर्द के उन्हें चलने लायक करना और स्टेबल हिप ज्वाइंट।

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