इंसाफ / बस ड्राइवर ने तोड़ी थी पारस की बाजू और टांग, 1 महीने बाद हुआ केस



The case was registered a month after the road accident
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The case was registered a month after the road accident

  • स्टूडेंट ने कहा शिकायत वापस लेने और समझौते का दबाव डाला जा रहा था
  • बस में चढ़ने के लिए पैर रखा ही था कि ड्राइवर ने बस चला दी
     

Dainik Bhaskar

Mar 24, 2019, 11:22 AM IST

पंचकूला (रवीश कुमार झा). 20 फरवरी 2019 को हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर की लापरवाही की वजह से 23 साल का स्टूडेंट पारस हादसे का शिकार हुआ था। वह बस के अगले टायर के नीचे आ गया था। उसकी बाईं बाजू और दाएं पैर में मेजर फ्रैक्चर हुआ।

 

पीजीआई में तीन ऑप्रेशन के बाद उसके बाजू में रॉड डाली गई। दाहिने पैर में भी सर्जरी कर रॉड डाली गई है। हादसे के ठीक एक महीने बाद पुलिस ने ड्राइवर पर एफआईआर दर्ज की है।

 

पारस ने बताया कि उस पर समझौता करने और शिकायत वापस लेने का बहुत दबाव था, लेकिन वह पीछे नहीं हटा। क्योंकि मेरे जो हालात हैं, वह किसी दूसरे स्टूडेंट्स के न हों, इसके लिए ऐसे लापरवाह ड्राइवर्स पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

 

पारस ने बताया कि बस में चढ़ने वाला था कि बस ड्राइवर ने तेजी से बस चला दी। झटके से बस का अगला दरवाजा मेरे सिर में लगा और मैं बस के आगे जा गिरा। अगला पहिया दाहिने पैर पर चढ़ गया।

 

मेरे साथ आए दोस्त ने मुझे निकालने की कोशिश की। लोग चिल्ला भी रहे थे कि इतने में बस ड्राइवर ने पैर के बाद बाएं हाथ पर टायर चढ़ा दिया और मौके से बस लेकर फरार हो गया।

 

हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने हादसे के चार दिन बाद पीड़ित का बयान चंडीगढ़ पीजीआई जाकर लिया। लेकिन मामला 28 दिन बाद पुलिस ने दर्ज किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने समझौता करने को कहा था, जिसे पीड़ित व उसके घरवालों ने सिरे से नकार दिया। मजबूरन पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज किया।
 

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