चंडीगढ़ / देश का सबसे बड़ा 221 फिट हाइट वाला रावण चंडीगढ़ में जलेगा, रावण की तलवार का वजन 2 क्विंटल है



रावण की तलवार का वजन 2 क्विंटल रावण की तलवार का वजन 2 क्विंटल
पुतले को बनाने का काम चल रहा है पुतले को बनाने का काम चल रहा है
रावण के पुतले में लोहा और बांस लगाया जा रहा है रावण के पुतले में लोहा और बांस लगाया जा रहा है
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रावण की तलवार का वजन 2 क्विंटलरावण की तलवार का वजन 2 क्विंटल
पुतले को बनाने का काम चल रहा हैपुतले को बनाने का काम चल रहा है
रावण के पुतले में लोहा और बांस लगाया जा रहा हैरावण के पुतले में लोहा और बांस लगाया जा रहा है

  • रावण बनाने वाले तेजिंदर अपनी साढ़े 12 एकड़ जमीन बेच चुके है
  • 30 क्विंटल लोहा और 20 क्विंटल बांस लगाया जा रहा पुतले में

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2019, 10:12 AM IST

चंडीगढ़. इस बार दशहरे के मौके देश का सबसे बड़ा रावण चंडीगढ़ में जलेगा। धनास की स्लम रिहैबिलिटेशन काॅलोनी के साथ खाली पड़े ग्राउंड में यह रावण जलेगा। 2015 से लगातार 210 फुट का देश का सबसे बड़ा रावण बना रहे तजिंदर चौहान ही इस बार भी यह रावण बना रहे हैं।

 

तजिंदर ने कहा कि हमें ज्यादा बड़ा ग्राउंड नहीं मिलता था, इसलिए हम 210 फुट से ऊपर लेकर नहीं जा पा रहे थे। बराड़ा के बाद पंचकूला में भी काफी उंचे रावण को जलाया गया , लेकिन हाइट 210 से ऊपर नहीं जा सकी। पंचकूला का ग्राउंड करीब 12 एकड़ में था, लेकिन धनास का ग्राउंड करीब 20 एकड़ है।

 

शिव पार्वती सेवा दल उठा रहा इस बार खर्चा
इस बार रावण बनाने का पूरा खर्च शिव पार्वती सेवा दल की ओर से उठाया जा रहा है, जबकि तेजिंदर चौहान का जिम्मा इसे बनाने का है। तेजिंदर ने बताया कि उन्हाेंने 1987 में पहली बार रावण बनाया था। इसके लिए अब तक अपनी साढ़े 12 एकड़ जमीन बेच चुके हैं।

 

2 क्विंटल की तो तलवार है
रावण की 55 फुट की तलवार है, जबकि ढाल 12 फुट की है। 40 लोगों की टीम कर रही तैयार करने में लगी हुई है। तलवार का वजन 2 क्विंटल है। इसे लोहे से बनाया जा रहा है।

 

रिमोट के 20 फंक्शन होंगे, जिनसे रावण में धमाका किया जाएगा
रावण के पुतले में इस बार रिमोट के जरिए धमाके किए जाऐंगे। सबसे पहले छत्र में ब्लास्ट होगा। उसके बाद मुकुट फिर तलवार-ढाल में जबकि सबसे अंत में रावण के जुतों में  धमाके होंगे। इस बार रावण में ईको फ्रेंडली पटाखे जलाएंगे, जिससे आम पटाखों के मुकाबले 80 परसेंट पॉल्यूशन कम होगा।

 

30 क्विंटल लोहा और 20 क्विंटल बांस यूज होगा।
 

रावण के पुतले को 2 अक्टूबर को ग्राउंड में खड़ा किया जाएगा। पिछले दो महीनों से धनास के ग्राउंड में इस पर चल रहा काम है। रावण के पुतले को बनाने में 30 क्विंटल लोहा और 20 क्विंटल से ज्यादा बांस को लगाया जा रहा है।

 

परमीशन का प्रोसेस चल रहा है

शिव पार्वती सेवा दल के प्रधान राजिंदर सिंह ने कहा कि फायर डिपार्टमेंट और डीसी ऑफिस से इसकी अप्रूवल लेने का प्रोसेस चल रहा है। इस पूरे कार्यक्रम में 50 लाख रुपए का खर्च आ रहा है, जिसमें से 30 लाख का खर्च पुतले और 20 लाख रुपए का खर्च भजन संध्या पर आएगा।

 

जिस जगह पर रावण जलाया जाना है, उस जगह पर 6 दिन तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। रावण का पुतला और भजन संध्या के पूरे कार्यक्रम का खर्च शिव पार्वती सेवा दल की ओर से किया जाएगा।
 

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