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सुविधा / शहर में शर्तों के साथ शुरू की जाएगी टू व्हीलर टैक्सी सर्विस



  • बार-बार ऑब्जेक्शन लगने के बाद अब जाकर फैसला
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 07:37 AM IST

चंडीगढ़. शहर में टू व्हीलर टैक्सी को लीगल करने का रास्ता साफ हो गया है। अप्रूवल देने से पहले सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट की कंपनियों के साथ मीटिंग होगी। इसके बाद ही इस सर्विस को चंडीगढ़ में शुरू करने की मंजूरी दी जाएगी। इस सर्विस को चंडीगढ़ में लाॅन्च करने को लेकर शुरू से ही ऑब्जेक्शन लगती रही हैं।

 

करीब छह महीने से भी ज्यादा समय से इसको प्रशासन ने मंजूरी नहीं दी। हालांकि इस सर्विस के लीगल हो जाने के बाद छोटे डिस्टेंस के लिए ऑटोरिक्शा या फिर टैक्सी किराये पर लेने वालों को फायदा होगा। ट्रैफिक जाम में नहीं फंसना पड़ेगा और किराया भी कम लगेगा। इसको लेकर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की तरफ से दोबारा फाइल तैयार कर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के पास भेजी थी, जहां से इसको अप्रूव कर अब सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट के पास फाइल भेज दी गई है।
 

 

इसलिए हुई देरी...पूर्व सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट केके जिंदल के टाइम इस सर्विस को लाॅन्च करने के लिए पहले फाइल तैयार की थी। एडवाइजर टू एडमिनिस्ट्रटेर परिमल राय को प्रेजेटेंशन दी गई। इसमें एडवाइजर ने तीन ऑब्जेक्शन लगाई कि इसमें स्पीड को कैसे कंट्रोल किया जाएगा, लोगों की हाइजीन यानि बार-बार एक ही हेलमेट अगर ट्रैवल करने वाले पहनेंगे तो उनको एलर्जी वगैरह न हो इसके लिए इंतजाम और तीसरा महिलाओं की सिक्योरिटी के लिए क्या इंतजाम किए जा सकते हैं। इसको लेकर उन्होंने जवाब मांगे। इस पर फाइल तो तैयार हो गई, लेकिन उसके बाद सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट की रिटायरमेंट आ गई। ये फाइल बीच में ही रह गई। इसके बाद पंजाब गवर्नमेंट की तरफ से भी इस सर्विस को शुरू करने के लिए लेटर भेजा गया था।
 

 

अब ये होगा
अब नोटिफाई स्पीड जो चंडीगढ़ में अलग-अलग सड़कों के लिए है उसी में इनको चलना होगा, महिलाओं की सुरक्षा के लिए वुमन ड्राइवर्स और ट्रैकिंग सिस्टम रखना होगा। इसके लिए वेब बेस्ड टैक्सी ऑपरेटर्स के लिए जो पॉलिसी प्रशासन ने नोटिफाई की थी, उसी में इन टू व्हीलर्स के लिए अलग से प्रोविजन जोड़े जाएंगे।
 

बढ़ रही टैक्सियां और ऑटोरिक्शा, सड़कें पड़ रही कम चौड़ी

प्रशासन ने ऑटोेरिक्शा की रजिस्ट्रेशन रोक दी है। करीब 6000 ऑटोरिक्शा की रजिस्ट्रेशन के बाद अब नए ऑटोरिक्शा को रजिस्टर्ड नहीं किया जा रहा है। दरअसल चंडीगढ़ की सड़कों पर व्हीकल्स की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके चलते ही ये फैसला किया गया है। अब प्रशासन टैक्सी सर्विस को लेकर भी इस तरह का फैसला कर सकता है क्योंकि चंडीगढ़ में गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओला और उबर के साथ ही एक और कंपनी ने चंडीगढ़ में वेब बेस्ड टैक्सियां चलाने को लेकर लाइसेंस चंडीगढ़ प्रशासन से मांगा है। इस कंपनी की फिजिकल वेरिफिकेशन भी पूरी हो चुकी है और करीब 2000 गाड़ियों को रजिस्टर्ड कर लिया है। जबकि ओला और उबर के साथ पहले ही करीब 2800 टैक्सियां चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड हैं।

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