रोग / भारत में गुप्त टीबी के मरीज 40 परसेंट से ज्यादा,लोगों को जागरूक करेगा आईएमए



Will be aware of TB prevention
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Will be aware of TB prevention

  • आईएमए ने नारा दिया है 'आईएमए का नारा, टीबी से छुटकारा'
  • टीबी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा महिलाओं में टीबी को लेकर लापरवाही  

Dainik Bhaskar

Mar 24, 2019, 05:20 PM IST

चंडीगढ़. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन विश्व टीबी डे के मौके पर लोगों को टीबी के बारे में जागरूक बनाने के उद्देश्य से जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम टीबी के उन्मूलन के लिए किए जाने वाले जरूरी उपायों और इन उपायों के बारे में जागरूकता कायम करने के लिए आयोजित किया जाएगा।

 

इसका उद्देश्य इस भयावह बीमारी के बारे में आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना और वर्ष 2025 तक इस बीमारी के प्रकोप और इसके कारण होने वाली असामयिक मृत्यु एवं विकलांगता को खत्म करना है। इन कार्यक्रमों के लिए आईएमए ने नारा दिया है 'आईएमए का नारा, टीबी से छुटकारा'।

 

लोगों को ऐसे कार्यक्रमों के जरिये टीबी के बारे में जागरूक बनाने से देश में टीबी के उन्मूलन का मार्ग प्रशस्त होगा। इसमें 500 से अधिक स्टूडेंट्स, एनजीओ मेंबर और हेल्थ वर्कर हिस्सा लेंगे।

 

आईएमए के वित्त सचिव डॉ. रमेश दत्ता ने बताया डब्ल्यूएचओ की ओर से उपलब्ध कराए हाल के आंकड़ों के अनुसार भारत ड्रग सेंसेटिव एवं मल्टी ड्रग रजिस्टेंस टीबी के मामले में आगे है।

 

टीबी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा महिलाओं में टीबी को लेकर लापरवाही है। रिसर्च से पता चला है कि महिलाओं में टीबी के मामलों की अनदेखी होती है। हमारे देश में 32 लाख महिलाएं टीबी से पीड़ित हैं। इनकी मृत्यु दर भी अधिक है।

 

टीबी के उन्मूलन के लिए न केवल प्राइवेट डॉक्टरों को शामिल करना जरूरी है बल्कि लोगों में जागरूकता कायम करना भी आवश्यक है ताकि टीबी के मामलों को सामने लाया जा सके। क्योंकि टीबी के खिलाफ जंग में टीबी के मरीज की पहचान और इलाज जरूरी है। भारत में गुप्त टीबी के मरीजों की संख्या भी काफी अधिक 40 परसेंट से अधिक है।
 

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