धान खरीद मामला / राइस मिलों की फिजिकल वेरीफिकेशन बाकी, 7 तक आ सकती है फाइनल रिपोर्ट

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
X
प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • फिजिकल वेरीफिकेशन के बाद अलग-अलग चावल मिल की हुई थी जांच

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 03:45 AM IST

चंडीगढ़. कुछ राइस मिलों की फिजिकल वेरीफिकेशन अभी बाकी है। इसकी फाइनल रिपोर्ट जांच 7 दिसंबर तक आ सकती है। इसको लेकर मंगलवार को बैठक में की चर्चा की गई। रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में सरकार को निर्णय करना है कि जिन चावल मिलों में गड़बड़ हुई है, उन पर किस तरह की कार्रवाई करनी है।

हालांकि धान खरीद मामले पर सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार देर शाम मंत्री समूह की बैठक में गहन चर्चा की। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जांच विजिलेंस को भी सौंपी जा सकती है। पहले इस मामले की जांच 26 अक्टूबर तक कर 27 को रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था, लेकिन बाद में जांच और गहराई से करने के आदेश दिए गए थे।

मिलों पर आरोप, सिर्फ कागजों में की खरीद
अबकी बार प्रदेश की मंडियों में 72 लाख टन से अधिक धान की आवक हो चुकी है। सरकार ने ही 65 लाख टन से अधिक धान खरीदा है। कुछ किसानों ने आरोप लगाया था कि उनका धान नहीं खरीदा जा रहा, जबकि कागजों में खरीद हुई थी। आरोप था कि कुछ चावल मिलों ने केवल कागजों में ही धान खरीद लिया और स्टॉक में इतना चावल नहीं मिला। ऐसे में सरकार को चूना लगाया गया था।

सरकार के आदेश पर 1314 चावल मिलों में जांच
सरकार ने धान खरीद मामले में किसी भी तरह के घोटाले को जांचने के लिए 1314 से अधिक चावल मिलों में फिजिकल वेरिफिकेशन किए जाने के आदेश दिए थे। बाद में इस मामले की जांच के लिए विभाग के एसीएस पीके दास ने अलग-अलग चावल मिलों की रिपोर्ट मांगी थी। अब रिपोर्ट तैयार कर सीएम और डिप्टी सीएम के पास पहुंच चुकी है।

प्रदेश में 13 लाख हेक्टेयर से अधिक में होता है धान
प्रदेश में करीब 13 लाख हेक्टेयर से अधिक एरिया में धान की खेती होती है। इसमें सामान्य व बासमती धान शामिल है। सामान्य धान की खरीद सरकार की ओर से की जाती है। करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, अम्बाला, यमुनानगर, फतेहाबाद आदि जिलों में काफी मात्रा में धान की रोपाई की जाती है। प्रदेश के डार्क जोन एरिया में धान की रोपाई बहुत कम होती है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना