विधानसभा / जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने पर होगी पांच साल की सजा



फाइल फोटो फाइल फोटो
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  • शुक्रवार को हिमाचल विधानसभा में सर्वसम्‍मति से इस कानून को मंजूरी दी गई
  • सीएम बोले कि कहीं शादी का झांसा देकर और कहीं एनजीओ गरीबों काे पैसे देकर उनका धर्म परिवर्तन करा रही हैं
  • आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण पर भी बोला विपक्ष, सीएम का आश्वासन-ऐसी शिकायत आई तो आउटसोर्स कंपनी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

Dainik Bhaskar

Aug 30, 2019, 02:41 PM IST

शिमला. कहीं शादी का झांसा देकर लोगों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है तो कहीं कई एनजीओ ऐसी हैं जिनके पास लाखों रुपए आ रहे हैं और वह गरीबों काे पैसे देकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। लेकिन अब किसी को जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराने पर अब पांच साल तक सजा होगी।

 

शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के मानसून सत्र में ऐसा कहा। बोले, धर्म परिवर्तन को लेकर सख्त कानून की जरूरत थी। हालांकि पिछली राज्य सरकार में ऐसा कानून लाया गया था। उस समय वह कानून बेहतर जरूर था। पर उसमें सजा कम थी। बिल भी छोटा था और संशोधन भी ज्यादा हो रहे थे। इसलिए अब नया कानून लाया गया है।

 

बता दें कि शुक्रवार को हिमाचल विधानसभा में सर्वसम्‍मति से इस कानून को मंजूरी दी गई। हालांकि कानून की मंजूरी से पहले विपक्ष ने यह कहकर आपत्ति जताई कि 2006 में पूर्व वीरभद्र सरकार के समय में यह कानून लाया गया था तो नए कानून की जरूरत नहीं थी। अगर वजह बनी थी तो उसमें संशोधन किया जाना जरूरी था।

 

नेता विपक्ष मुकेश अग्निाहोत्री बोले-कब तक होगा आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण? 

इस सत्र के दौरान नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य में आउटसोर्स कर्मचारियों को जो 153 करोड़ रुपए वेतन के तौर पर दिया जा रहा है। उसमें से मात्र 23 करोड़ रुपए  ही आउटसोर्स कंपनियों को जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इन बिचौलियों को बाहर कर वेतन का पैसा सीधा आउटसोर्स कर्मचारियों को दे। बोले कि सरकार ने तो साफ कर दिया है कि वे सरकार के कर्मचारी नही हैं। न ही भविष्य में इसे लेकर कोई विचार है। ऐसे में कब तक आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण होगा। अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में गवर्नमेंट डिपार्टमेंट्स में लगभग 12165 कर्मचारी आउटसोर्स पर तैनात है। सरकार ने एक साल में  3100 आउटसोर्स कर्मचारी लगाए हैं। आउटसोर्स भर्ती के नाम पर सरकार युवाओं का शोषण का रास्ता बंद कर रेग्युलर या कांट्रेक्ट पर भर्ती करें।

 

सीएम बोले कर्मचारी का शोषण हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई:

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई भी बदलाव नहीं किए जाएंगे। कंपनी के माध्यम से ही आउटसोर्स भर्ती होगी। हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स कंपनी को हर महीने बताना होगा कि वह हर महीने कितना पैसा आउटसोर्स कर्मी को दे रही है। अगर आउटसोर्स कंपनी के किसी कर्मचारी के शोषण की शिकायत आती है तो सरकार कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

 

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