शर्मसार / डायन बता बुजुर्ग महिला को जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया, लोगों ने बचाया



वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉर्ट वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉर्ट
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वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉर्टवायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉर्ट

  • सरकाघाट के बड़ा समाहल गांव में धर्म के नाम पर मान मानवता को शर्मासार करने का मामला
  • फरिश्ता बनकर आई एक बस में बैठे चालक-परिचालक और सवारियों ने बचाया

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 09:14 PM IST

मंडी(पंकज पंडित). सरकाघाट में धर्म के नाम पर एक 82 साल की बुजुर्ग महिला के साथ बर्बरता से व्यवहार किया गया। उसे डायन बताकर पहले उसके बाल काटे, फिर गले में जूतों की माला डालकर और मुहं पर कालिख पोत कर पूरे गांव में नंगे पांव घुमाया गया। इसके बाद उसे जलाने की योजना थी, पर फरिश्ता बनकर आई एचआरटीसी की बस में बैठे चालक-परिचालक और सवारियों ने बचा लिया। इसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया।

 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर फैले इस वीडियो की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार दिया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में इस तरह के कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने एसपी मंडी को जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो हुआ यह वीडियो सभ्य समाज की पोल खोल रहा है। वीडियो में सैकड़ों की भीड़ इस महिला को डायन करार दे रही है। महिला की बेटी ने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था की आड़ लेकर उसकी एक महिला रिश्तेदार मां की जमीन हड़पना चाहती हैं। इसलिए मां को डायन कहकर जान से मारना चाहते हैं।

 

बता दें कि गाहर पंचायत के समाहल गांव की विधवा राज देवी का अपने रिश्तेदारों के साथ डेढ़ दशक पहले जमीन का विवाद चल रहा है। महिला की दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। एक दामाद डॉक्टर और एक शिमला हाईकोर्ट में वकील है। लाखों रुपए की जमीन जायदाद पर रिश्तेदारों की नजर है। इसी को लेकर उस महिला पर आधा दर्जन हमले हो चुके हैं, घर का सारा सामान फूंक दिया गया है। उसे डायन का आरोप लगाकर लोगों में प्रचारित किया जा रहा है। 

 

महिला की बेटी तृप्ता शर्मा के मुताबिक उनका परिवार नाग देवता की पूजा करता है। घर में विद्वान पंडितों द्वारा नाग देवता की मूर्ति प्रतिष्ठा करके लगाई गई है। परंतु बीते कुछ समय से एक देवता के कामगार रथ उठाने वाले उसकी ननद के साथ मिलकर मां को डायन करार देने में तुले हैं। उस पर जादू टोने किया जाने का आरोप लगा रहे हैं। बीते 19 अक्टूबर को देवता के करिंदो ने मां पर हमला किया। दूसरा हमला 28 अक्टूबर को किया गया।

 

उस दिन घर में रखी गई अलमारियां और कपड़े जला दिए गए। 6 नवंबर को करीब 100 लोगों की भीड़ उनके घर में आई और अकेली रह रही मां को भीड़ ने घर से रगड़ कर बाहर निकाल दिया। उसके बाल काट दिए मुंह पर कालिख पोत कर गले में जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घसीट कर घुमाया गया। 100 में से करीब 20 आदमियों ने उसे पूरी तरह से मारा पीटा जान से खत्म किया जा रहा था परंतु अनहोनी में मां बच गई।

 

मूकदर्शक बनी रही पुलिस: तृप्ता शर्मा ने आरोप लगाया कि अक्टूबर को उनके पति ने पहली शिकायत दर्ज करवाई थी जिसे देवता के डर से पुलिस के समक्ष फाड़ दिया गया। फिर 28 को अटैक हुआ तो 29 तारीख को शिकायत दर्ज करवाई गई, लेकिन जब चौथी बार अटैक हुआ तो थाने से यह कह कर जवाब दिया गया कि कोई भी शिकायत दर्ज नहीं है,आप खुद थाने आओ। ऑनलाइन दर्ज करवाना चाही तो शिकायत ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पाई। इस घटना की शिकायत की गई परंतु पुलिस ने कोई भी कार्यवाही नहीं की।


बस आने पर बची मां की जिंदगी: वृद्ध महिला राज देई शर्मा को गांव के 100 लोग सड़क पर मुंह काला करके जूतों की माला पहनाकर घसीट रहे थे। महिला बार-बार उन्हें छोड़ देने और बचाने की गुहार लगा रही थी। इस दौरान मारपीट में महिला बेहोश होकर सड़क पर गिर गई। उसी दौरान परिवहन निगम की बस उसके सामने आ गई। ड्राइवर कंडक्टर और सवारियों ने महिला को सड़क से उठाया, उसका मुंह धुलवाया। परिचालक द्वारा उसे पहचान लेने के बाद उसे सरकाघाट ले आए और बरच्छवाड में उसके दामाद डॉक्टर योगराज के घर के बाहर उसे उतार दिया


अस्पताल में चल रहा महिला का इलाज: बुजुर्ग महिला पर 17 तारीख को जो पहला हमला हुआ था उसके बाद से ही वह अर्ध पागल अवस्था में है। वह किसी से बात नहीं कर रही है। पहले उसका इलाज मेडिकल कॉलेज नेरचौक से चल रहा था। 6 तारीख को हुए हमले के बाद वह पूर्ण रूप से गहरे सदमे में चली गई है और हमीरपुर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।

 

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