मंडी / लोगों के सोचने और निर्णय लेने के सिद्धांतों पर आईआईटी मंडी में देश का पहला कॉग्निटिव मॉडलिंग विंटर स्कूल आयोजित

Dainik Bhaskar

Feb 11, 2019, 06:36 PM IST



Based on the principles of thought and decision making, cognitive modeling winter school organised in IIT Mandi.
Based on the principles of thought and decision making, cognitive modeling winter school organised in IIT Mandi.
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Based on the principles of thought and decision making, cognitive modeling winter school organised in IIT Mandi.
Based on the principles of thought and decision making, cognitive modeling winter school organised in IIT Mandi.

  • अमेरिका, नीदरलैंड, कनाडा के अलावा देश के विशेषज्ञों ने आईआईटी के छात्रों के समक्ष रखे अपने मॉडल्स
  • कॉग्निटिव मॉडल मुख्यतः कंप्यूटर सिमुलेशन के माध्यम से लोगों के सोचने और निर्णय लेने के सिद्धांतों की जानकारी देता है

मंडी (संजय सैणी). देश भर में पहली बार आईआइटी मंडी में मनुष्य के समाजिक व्यवहार यानी सोचने व निर्णय लेने के सिद्वातों पर स्टडी आयोजित की गई। जिसमें देश के अलावा विदेशी विशेषज्ञों ने हिस्सा लेकर अपनी थ्यूरी आईआईटी के छात्रों के समक्ष रखी। इसमें अमेरिका, नीदरलैंड, कनाडा के अलावा देश की आईआईटी रुड़की से आए स्पेशलिस्ट ने अपनी थ्यूरी छात्रों के समक्ष रखी। जिसमें कंप्यूटर सिमुलेशन की मदद से बताया गया कि लोग कैसे सोचते और निर्णय लेते हैं। इस स्टडी को आईआईटी मंडी की ओर से विंटर स्कूल ऑन कॉग्निटिव मॉडलिंग-2019 नाम दिया गया था।

 

इन देशों के विशेषज्ञ हुए शामिल

मंडी में आयोजित इस देश के पहले विंटर स्कूल ऑन कॉग्निटिव मॉडलिंग-2019 में बड़ी संख्या में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने अपनी अपनी थ्यूरी छात्रों के समक्ष रखी। जिसमें डॉ. क्लियोटिल्ड गोंज़ालेज़, कार्नेजी मेलॉन यूनिवर्सिटी अमेरिका, डॉ. मरीक वॉन वुगट, ग्रॉनीज़ेन यूनिवर्सिटी नीदरलैंड, डॉ. टेरेंस सी. स्टेवर्ट वाटरलू यूनिवर्सिटी कनाडा, डॉ. नेहा शर्मा, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, ऊना (भारत) और डॉ. पार्थ प्रतीम रॉय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की, भारत। इस मौके पर हॉस्पीमेडिका इंटरनेशनल के वीपी संजय दास ने विभिन्न अत्याधुनिक ईईजी मशीनों के बारे में एक प्रदर्शन सत्र का संचालन किया। आईआईटी में यह स्टडी छात्रों को कॉग्निटिव मॉडलिंग की सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाआें का प्रशिक्षण देने के लिए आयोजित की गई।

 

यह है मॉडल

कॉग्निटिव मॉडल मुख्यतः कंप्यूटर सिमुलेशन के माध्यम से लोगों के सोचने और निर्णय लेने के सिद्धांतों की जानकारी देता है। यह आर्टिफिशयल और मशीन लर्निंग को जोड़ कर मनुष्य के समझने की प्रक्रिया का अध्ययन करता है। इसके लिए बुनियादी और प्रायोगिक, दोनों क्षेत्रों में मनुष्य के व्यवहार के मॉडल तैयार किए जाते हैं। कॉग्निटिव मॉडल की मदद से शोधकर्ताओं के लिए यह समझना आसान होगा कि लोग बदलती परिस्थितियों में जैसे कि गाड़ी चलाते हुए या स्टॉक मार्केट में ट्रेड करते हुए किसी निर्णय पर कैसे पहंुचते हैं। यह निर्णय उनके पूर्व के अनुभवों और भावनाओं पर अधारित होते हैं।

 

व्यावहारिक जिन्दगी के बारे में बताता है मॉडल

कॉग्निटिव मॉडल के माध्यम से यह भी बताया जा सकता है कि लोग कई ऐसे कार्यों में गलतियों क्यों कर देते हैं जिनमें निर्णय लेने की अहम् भूमिका होती है। ऐसे कुछ कार्यों में संसाधनों का उपयोग, गुणवत्ता नियंत्रण से लेकर लक्ष्य पूरा करने तक, कई लोगों के साथ मोल-भाव करना और व्यावहारिक रूप में जिन्दगी में सही विकल्प चुनना होता है और इन सब के अपने जोखिम होते हैं।

 

पूरी दुनिया में इस क्षेत्र में तेजी से होने वाला है विकास

आईआईटी मंडी के निदेशक प्रा. टिमथी ए. गोज़ाल्विस ने कहा, ‘‘एआई और कॉग्निटिव मॉडलिंग के क्षेत्रों में पूरी दुनिया में तेजी से विकास होने वाला है। इस दौर में मूर के नियम की वजह से कंप्युटिंग तकनीक में कई गुनी तेजी से वृद्धि हुई है। प्रो. गोज़ाल्विस ने कम लागत की भूस्खलन निगरानी तकनीक और फार्मर जोन प्रोजेक्ट के दो उदाहरण दिए जो आईआईटी मंडी के हिमाचल प्रदेश और पूरे भारतीय समाज के हित में एआई के प्रयासों में अग्रण्य होने के प्रमाण हैं।

 

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