हिमाचल / सदन से विपक्ष का वॉकआउट, सीएम बोले-प्रशासन ने सुधार ली है गलती

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 08:06 PM IST


congress MLAs walked out during the second day of Himachal Assemble Session
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congress MLAs walked out during the second day of Himachal Assemble Session
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  • कांग्रेस विधायक हर्ष वर्धन चौहान ने अधिकारियों के खिलाफ प्रीविलेज मोशन लाने का नोटिस दिया
  • माकूल जवाब नहीं मिला तो अध्यक्ष के आसन तक पहुंच गए नाराज विधायक

शिमला. हिमाचल प्रदेश के बजट सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया। कांग्रेस विधायक हर्ष वर्धन चौहान ने ऐच्छिक निधि के अगले वित्त वर्ष के चेक लाभार्थियों को जारी करने का मामला उठाया। उन्होंने सदन में आरोप लगाया कि जिला प्रशासन किसके कहने पर उनके खिलाफ साजिश कर रहा है। इस मामले की जांच करनी चाहिए। उन्होंने सदन में ही अधिकारियों के खिलाफ प्रीविलेज मोशन लाने का नोटिस दिया। इस पर अध्यक्ष या सीएम की ओर से कोई माकूल जवाब नहीं मिला तो वे एक समय अध्यक्ष के आसन तक पहुंच गए। उन्होंने विधानसभा सचिव से भी अपने दस्तावेज वापस मांगे।

 

विधायक हर्षवर्धन चौहान ने प्रश्नकाल के तुरंत बाद प्वाइंट ऑफ आर्डर के तहत ये मामला उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी ऐच्छिक निधि से अगले वित्त वर्ष के तीन चैक पांवटा एसडीएम द्वारा अभी जारी कर दिए हैं। विधायक इसे विधायक के विशेष अधिकार हनन का मामला उठाया और विधानसभा अध्यक्ष से इस पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डा़ राजीव बिंदल ने व्यवस्था दी कि उन्हें इस संबंध में विधायक का लिखित पत्र मिला है, इस पर वह जल्द ही फैसला लेंगे। अध्यक्ष की व्यवस्था से हर्षवर्धन चौहान सहित पूरा विपक्ष सहमत नहीं हुआ। विपक्ष की मांग थी कि इस मामले को तुरंत विशेष अधिकार समिति को भेजा जाए लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नियमानुसार ही कार्रवाई होगी। इसके बाद कुछ देर तक सदन में शोरगुल हुआ और फिर पूरा विपक्ष सदन से उठकर बाहर चला गया।

क्लेरिक्ल मिस्टेक बताया: इससे पूर्व विधायक हर्षवर्धन चौहान द्वारा मामला उठाए जाने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ये मामला क्लैरिकल मिस्टेक का है। सिरमौर के उपायुक्त ने इसे दुरुस्त कर लाभार्थियों को नए चेक भी जारी कर दिए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले से विधायक संस्था को कमजोर करने का कोई प्रयास नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में सुनिश्चित करेगी कि इस तरह की गलती दोबारा न हो। उन्होंने ये भी कहा कि विधायक निधि के तहत तय व्यवस्थाओं के अंतर्गत काम हो रहा है । सरकार इस बात का पता लगाएगी कि जहां-जहां विधायक निधि से पैसे खर्च नहीं हो पाए हैं, वहां इसके क्या कारण रहे। विपक्ष के वॉकआउट के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष के इस कदम को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए वॉकआउट का सहारा ले रही है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वह अपना व्यवहार सुधारे।

उद्घाटन से ठीक पहले हटाया विधायक का नाम: इसी दौरान विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने उनके विधानसभा क्षेत्र में बीते 10 फरवरी को प्रदेश के पहले फूड पार्क के उद‌्घाटन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार के मापदंडों के अनुसार प्रकाशित निमंत्रण पत्र में उनका नाम शामिल था, लेकिन अंत मौके पर प्रशासन द्वारा नए निमंत्रण कार्ड छपवाकर कार्ड से उनका नाम हटवा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा कर सरकार विधायक संस्थान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

 

इसी मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रोहडू में हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं की उद‌्घाटन पट्टिकाओं पर स्थानीय विधायक मोहन लाल ब्राक्टा का नाम न लिखे जाने का मुद्दा उठाया और कहा कि ये परंपरा ठीक नहीं है। उन्होंने ऊना में फूड पार्क के उद‌्घाटन के लिए प्रकाशित निमंत्रण पत्र से मुकेश अग्निहोत्री का नाम हटाने को घटिया राजनीति बताया और कहा कि ये सरकार को शोभा नहीं देता।

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