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पेट्स के लिए कोरोना वायरस का टीकाकरण शुरू, बाजार में बढ़ी वैक्सीन की डिमांड

एक वर्ष पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।
  • कुत्तों में दो तरह का कोरोना पाया जाता है, पशु चिकित्सकों ने बताया कि यह कोविड-19 से अलग होता है
  • प्रपशु चिकित्सकों ने 100 दिन की उम्र तक के पेट्स में तीन तरह के टीकाकरण को जरूरी बताया है

नालागढ़. अब पालतु पशुओं (डॉग्स) में भी कोरोना वायरस का टीकाकरण किया जा रहा है।बाजार में कोरोना वायरल डायरिया वैक्सीन पहुंच गई है। इसकी डिमांड भी बढ़ना शुरू हो गई है। कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए लोग अपने पेट्स को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं।पालतु कुत्तों के लिए पशु विशेषज्ञ और पशु चिकित्सकों ने 100 दिन की उम्र तक के पेट्स में तीन तरह के टीकाकरण को जरूरी बताया है।


45 दिनों तक की उम्र वाले कुत्तों के लिए सबसे पहले सेवन इन वन वैक्सीन लगाई जाती है। बाजार में इसकी कीमत करीब 500 रुपए तक है। दूसरी वैक्सीन कोरोना वायरस के लिए लगाई जाती है, यह भी बाजार में आसानी से मिल जाती है जबकि तीसरी वैक्सीन रेबीज की होती है जो बाजार में 100 रुपए तक मिल जाती है। हालांकि सरकार की ओर से यह वैक्सीन पशुओं में निशुल्क लगाई जाती है। 

कुत्तों में दो तरह का होता है कोरोना वायरस: कुत्तों में दो तरह का कोरोना वायरस पाया जाता है। पशु चिकित्सकों ने बताया कि यह कोविड-19 से अलग होता है। यह वायरस कुत्तों की आंतों में पाया जाता है। कुत्ते जब डायरिया का शिकार होते हैं। तो इस तरह का वायरस उनमें देखने को मिलता है। हालांकि यह यह वायरस कुत्तों से इंसानों में नही फैलता है। कुत्तों में इस वायरस को कोरोना वायरल डायरिया के नाम से जाना जाता है।