विधानसभा / आपदाओं से हुए नुकसान के लिए डीसी अपनी इच्छा से पैसा आवंटित नहीं कर सकता : जयराम ठाकुर

सदन में अपनी बात रखते मुख्यमंत्री सदन में अपनी बात रखते मुख्यमंत्री
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  • पैसा नुकसान के हिसाब से आवंटित किया जाता है। जहां ज्यााद नुकसान होगा वहां सरकार ज्यादा पैसा देती है

दैनिक भास्कर

Dec 12, 2019, 07:06 PM IST

धर्मशाला. सड़कों और पुलों के निर्माण से संबंधित ठाकुर राम लाल के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए डीसी अपनी इच्छा से पैसा आवंटित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यह पैसा नुकसान के हिसाब से आवंटित किया जाता है। जहां ज्यााद नुकसान होगा वहां सरकार ज्यादा पैसा देती है।


मुख्यमंत्री ने मूल प्रश्न के उत्तर में कहा कि बिलासपुर जिले में 2018-19 के दौरान सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं और विधायक व सांसद निधि से 57 करोड़ रुपए जारी किए गए। इसी सवाल पर राम लाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि बरसात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राजनीतिक आधार पर पैसे का आवंटन हो रहा है और केवल चुनिंदा पंचायतों को ही पैसा आवंटित हो रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस साल भी उन्हीं पंचायतों को पैसा जारी किया गया जिन्हें पिछले साल पैसा दिया गया था। जयराम ठाकुर ने विधायक के सवाल का जबाव देते हुए कहा कि बिना भेदभाव के धनराशि आवंटित की जा रही है। अगर विशेष पंचायत की बात विधायक कर रहे हैं तो ये ध्यान में नहीं है। कई बार कुछ पंचायतों में वाकई बार-बार डैमेज़ होता है। मनमर्जी के हिसाब से कहीं धन आवंटित नहीं हुआ है। सरकार पारदर्शिता के साथ सरकार धनराशि खर्च करेगी।


प्रदेश में 843470 पंजीकृत बेरोजगार : बिक्रम ठाकुर विधायक विक्रमादित्य सिंह के सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश में इस समय 843470 पंजीकृत बेरोजगार हैं। जनवरी 2018 से जुलाई 2019 के बीच राज्य में निजी व सार्वजनिक क्षेत्र में 146961 रोजगार के अवसर सृजित किए गए। इनमें से सरकारी क्षेत्र में नियमित आधार पर 2328, अनुबंध पर 2273 और आउटसोर्स के आधार पर 2036 लोगों को नौकरियां दी गई, जबकि निजी क्षेत्र में इस दौरान 140324 लोगों को रोजगार दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 96720.88 करोड़ रूपए के 703 एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं। बोले कि राज्य में इस समय 45 औद्योगिक क्षेत्र और 17 औद्योगिक इस्टेट हैं। इनमें 246 औद्योगिक प्लाट खाली पड़े हैं। इसके अलावा चार जिलों में 335 हैक्टेयर से अधिक जमीन उद्योग स्थापित करने के लिए विभाग के नाम ट्रांसफर की गई है।

आउटसोर्स के आधार पर भर्तियां करने पर पुनर्विचार करेगी सरकार : महेंद्र सिंह ठाकुर: सिंचाई व जनस्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार आउटसोर्स के आधार पर भर्तियां करने पर पुनर्विचार करेगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स के माध्यम से भर्तियों में काफी खामियां पाई गई हैं। ऐसे में सरकार इस प्रक्रिया के माध्यम से भर्ती करने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है।  प्रश्नकाल के दौरान रामलाल ठाकुर और राकेश सिंघा द्वारा पूछे गए संयुक्त सवाल का जवाब दे रहे थे। बोले कि बीते तीन साल के दौरान सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग में फीटर, पंप आॅपरेटर, बेलदार और चौकीदारों के पदों पर 9345 लोगों की अनुबंध और आउटसोर्स आधार पर भर्ती की गई। विभाग की इस समय प्रदेश में 12368 योजनाएं चल रही हैं, जिनको सुचारू रूप से चलाने के लिए 48555 लोगों की जरूरत है। जबकि विभाग के पास केवल 18810 लोग ही इन योजनाओं को चलाने के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने विभाग में मैनपावर घटने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने विभाग में डाईंग और लाइव कैडर के हिसाब से दो कैडर बना दिए जिसका विभाग को सबसे अधिक नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि विभाग की कमियां मुख्यमंत्री के ध्यान में लाई जाएंगी जिससे इनका समाधान हो सके।

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