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कुल्लू में मनाए जाने वाले माता नैणा जागरण में लोग दहकते हुए अंगारों पर नंगे पैर चलते है, मनोकामना पूर्ण होती है

2 वर्ष पहले
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अंगारे पर चलते श्रद्धालु - Dainik Bhaskar
अंगारे पर चलते श्रद्धालु
  • ऐसा मानना है कि अंगारों पर चलने से उनकी हर एक मनोकामना पूर्ण हो जाती है
  • माता में गहरी आस्था और विश्वास है, हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती है

कुल्लू(गौरी शंकर). प्रदेश के कुल्लू जिले में मनाए जाने वाले एक धार्मिक कार्यक्रम में लोग नंगे पैर दहकते हुए अंगारों पर खुशी से चलते हुए दिखते है। अंगारों पर चलते श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी झलकती है। ऐसा मानना है कि अंगारों पर चलने से उनकी हर एक मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

 

जिला कुल्लू के प्रवेश द्वार भुंतर से सटे पिप्लागे गांव की जहां पर माता नैणा का 19वां जागरण (जाग) को बड़े हर्षोउल्लास से मनाया गया। रात्रि दो बजे माता नैणा, भद्रकाली अपने, कारकूनों, हारियानो सहित ढोल नगाड़े के साथ भाटग्रां से मंदिर में प्रवेश किया और अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की।

 

यहां पर माता के गुर और चेलियां जलते हुए आग के अंगारों पर चलते है।इस जाग को देखने के लिए हिमाचल प्रदेश के दूसरे जिलों से भी लोग देखने आते है और उनकी माता में गहरी आस्था और विश्वास है। इसी लिए देखने के लिए हजारों श्रद्धालुयों की भीड़ उमड़ पड़ी।

 

पुजारी अमित महंत ने बताया कि माता नैणा की जाग उत्त्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। यहां पर माता के गुरु, चेलियां, माता का रथ आग के अंगारों पर चलते है और यह माता रानी की अद्भुत शक्ति है। उन्होंने कहा की माता की कृपा से आग पर चलकर गुर व चेलियों के पैरों में कुछ भी नहीं हुआ ये सब माता की शक्ति है।

 

उन्होंने कहा कि देव समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि जाग उत्त्सव में माता की कृपा से निसंतान को संतान की उत्पति होती है।इसके अलावा जिसे अधरंग है और जो बोल नहीं पाते वे ठीक हो जाते है। जाग के दिन माता सभी भक्तों के दुःखो का निवारण करती है और सभी को मन वांछित फल प्रदान करती है। सभी भक्त नारियल लेकर आते है और माता रानी नारियल से सभी भक्तों के ग्रहों का निवारण करती है।