हिमाचल / कुंतभ्यो झील से बजरोटू मंदिर तक इको ट्रेल, हट्स भी बनेंगे रिवालसर में

रिवालसर की कुंतभ्यो झील का नजारा रिवालसर की कुंतभ्यो झील का नजारा
X
रिवालसर की कुंतभ्यो झील का नजारारिवालसर की कुंतभ्यो झील का नजारा

  • तीन धर्मों की संगमस्थली है रिवालसर, पर्यटन और वन विभाग के अधिकारियों ने किया साइट इंस्पेक्शन

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2020, 11:37 AM IST

मंडी. तीन धर्मों की संगमस्थली रिवालसर से लेकर महाभारतकालीन कुंतभ्यों झील व सिद्ध बाबा बजरोटू मंदिर तक के दायरे को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से संवारने के लिए पर्यटन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विभाग यहां पर कई प्रकार की सुविधाएं जुटाएगा। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक की अगुआई में वन व अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों ने साइट का ज्वाइंट इंस्पेक्शन किया है। इसके बाद विभाग इसका प्रारूप तैयार करने में जुट गया है।

रिवालसर हिंदू, सिख और बौद्धों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है। रिवालसर में प्राकृतिक झील अपने तैरते हुए द्वीपों और मछलियों के लिए प्रसिद्ध है। झील के परिधि के साथ हिंदू, बौद्ध और सिख मंदिर मौजूद हैं। किंवदंती यह है कि महान शिक्षक और विद्वान पदमसंभव ने तिब्बत को रिवालसर से उड़ान भरने के लिए अपनी विशाल शक्तियों का उपयोग किया।


पदमसंभव की एक प्रतिमा भी रिवालसर में स्थापित की गई है। यह भी माना जाता है कि ऋषि लोमस ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस स्थान पर तपस्या की थी। यहां पर गुरुद्वारा सिक्खों के गुरु गोबिंद सिंह से जुड़ा हुआ है। जिन्होंने पहाड़ी राजाओं को मुगलों के खिलाफ अपनी लड़ाई में एकजुट करने के लिए यहां पर एकत्रित किया था।

रिवाल्सर में तीन बौद्ध मठ भी हैं। हिंदू मंदिर भगवान कृष्ण, भगवान शिव और ऋषि लोमा को समर्पित हैं। कुछ दूरी पर महाभारत कालीन कुंतभ्यो झील भी है। ऐसा माना जाता है कि अर्जुन ने अपनी मां की प्यास को बुझाने के लिए झील बनाई है।


पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां पर छह अन्य झीलें मौजूद हैं। धार्मिक व एतिहासिक महत्व की इन धरोहरों को एक दूसरे से कनेक्ट करने, इसे पर्यटन के मानचित्र पर लाने की विभाग के कसरत शुरू कर दी है।

विभाग की योजना के अनुसार यहां पर इको ट्रेल के साथ-साथ व्यू प्वाइंट, वाचिंग प्वाइंट के साथ-साथ इको हट्स का निर्माण किया जाएगा। जिससे एक ओर पर्यटकों का आवागमन बढ़ सके दूसरा पर्यटकों का ठहराव भी संभव हो सके। इसके लिए उनके आराम के लिए हट्स बनाने की भी विभाग की योजना है।
 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना