जिद / 6 लड़कियों के प्रयास से लमलैहड़ी में बांस के उत्पादों को बड़े पैमाने पर ऑनलाइन बेचने की तैयारी

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 11:39 AM IST



Group of girls making bamboo stuff
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Group of girls making bamboo stuff

  • त्रिपुरा के विमल देव की देखरेख में सीख रही लड़कियां काम
  • डीएफओ ने बताया ऑनलाइन बेचने की तैयारी कर रहे है

ऊना. जिले के लमलैहड़ी में स्वयं सहायता समूह की यूनिट चलाने वाली 6 लड़कियों के एक ग्रूप की ओर से बांस से बनाए सुंदर सामानों को बेचने की तैयारी की जा रही है। काबिलेगौर है कि लगभग पांच माह पहले वन विभाग और जिला प्रशासन की मदद से संचालित इस स्वयं सहायता समूह के यूनिट में 15 प्रशिक्षुओं ने बांस के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। अब सिर्फ छह लड़कियां संतोष कुमारी, पूजा देवी, विमला देवी, परमिंद्र कौर, बिंद्रा और नगीता देवी तीन माह से नियमित रूप से बांस उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण ले रही हैं। जो अपने ट्रेनर विमल देव से प्रशिक्षण के साथ साथ यूनिट को भी खुद संचालित कर रही हैं।

 

वन विभाग ने विमल देव को स्टायफंड पर रखा है और उसे बांस के उत्पाद तैयार करने के लिए औजार भी मुहैया करवाएं हैं। वहीं जिला प्रशासन से भी दो लाख की मदद मिली है। बांस के उत्पाद में फोल्डिंग टेबल, फोल्डेबल फारूट बॉस्टकेट, टेबल लैंप, डस्टबिन, विंग एंड स्माल ट्रेज की-होल्डर और हैंगर आदि शामिल हैं। जिन्हें 'बैंबुना' ब्रांड से मार्केट में उतारा गया है।

 

इन उत्पादों को अब मॉर्केट में भी रिस्पांस मिलने लगा है। जिससे विमल देव की कारीगरी साफ रंग दिखाने लगी है। फिलवक्त वन विभाग की बांस के फर्नीचर को स्थानीय दफ्तरों में बेचने की तैयारी है। जैसे जैसे बांस के उत्पादों की प्रॉडक्शन बढ़ेगी, फिर इसकी एमजाॅन पर ऑनलाइन बिक्री भी शुरू की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभाग एमेजॉन से टाइअप करने की तैयारी में है।

 

ऊना के डीएफओ यशुदीप सिंह ने कहा कि हम बांस के उत्पाद लोगों को जल्द ही ऑनलाइन मुहैया करवाएंगे। इसके लिए एमजॉन से टाइअप करने का प्रयास किया जा रहा है। अभी बांस के जितने उत्पाद तैयार हो रहे, उसकी जिला में ही खपत हो रही है। आने वाले समय में बड़े पैमाने पर प्रॉडक्शन करने का प्लान है।

 

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