हिमाचल / हाईकोर्ट ने किलिंग स्कूल में बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव पर सरकार से मांगा जवाब

हिमाचल हाई कोर्ट शिमला (फाइल फोटो) हिमाचल हाई कोर्ट शिमला (फाइल फोटो)
X
हिमाचल हाई कोर्ट शिमला (फाइल फोटो)हिमाचल हाई कोर्ट शिमला (फाइल फोटो)

  • हाईकोर्ट ने डीसी, शिक्षा निदेशक, उप निदेशक व प्रिसिंपल से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

दैनिक भास्कर

Oct 18, 2019, 03:08 PM IST

शिमला. प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी जिला के सीनियर सेकंडरी स्कूल किलिंग में स्कूली बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी और न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई के पश्चात मुख्य सचिव सहित डीसी मंडी, निदेशक उच्चतर शिक्षा, उप निदेशक उच्चतर शिक्षा मंडी और स्कूल के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर उनसे चार सप्ताह के भीतर मामले पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।


सीनियर सेकंडरी स्कूल किलिंग यह स्कूल मंडी जिला के गोहर उपमंडल के तहत आता है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले दलित समुदाय के बच्चों के अभिभावकों ने एडीएम मंडी श्रवण मांटा और एएसपी मंडी पुनीत रघु को लिखित में शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग उठाई है। उधर, किलिंग में स्कूली बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव को लेकर शिकायत सौंपने वालों में धर्मचंद, हुकमचंद, झाबे राम, टेकचंद, देविंद्र कुमार, पवन कुमार, घनश्याम, यशवंत, चौधरी राम और सुनील कुमार आदि शामिल है।


कार्यरत कर्मचारियों ने बच्चों से किया जातिगत भेदभाव:
शिकायत में कहा गया है कि 9 सितंबर को स्कूल में हो रहे टूर्नामेंट के दौरान वहां कार्यरत कर्मचारियों ने उनके बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव किया। बच्चों को कहा गया कि वह न तो किसी को पानी बांटेंगे और न ही साथ बैठकर खाना खाएंगे। प्रधानाचार्य पर आरोप है कि उन्होंने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और इसे दबाने का प्रयास किया व बच्चों पर दबाव बनाया कि इस बात को घर पर न बताया जाए। बच्चों का कहना है कि ऐसी प्रताड़ना से तो उनका अनपढ़ रहना ही ठीक है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों को कठोर सजा देने की मांग उठाई है।

 

DBApp

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना