एजुकेशन / प्रदेश के शिक्षकाें के ट्रांसफर-रिटायरमेंट अब सेशन के बीच में नहीं होंगे



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  • शिक्षा विभाग ने नए तबादला एक्ट का प्रारूप किया तैयार
  • तबादलों की दृष्टि से हिमाचल के 5 जोन ए, बी, सी, डी और ई बनाए जाएंगे

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 10:58 AM IST

शिमला. राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के तबादलों के खेल काे अब सरकार बंद करने जा रही है। यदि प्रस्ताव सिरे चढ़ा ताे मिड सेशन में न ताे टीचराें के तबादले हाेंगे और ना ही रिटायरमेंट होगी। शिक्षा विभाग में तबादलों के लिए एक्ट का प्रारूप तैयार कर चर्चा के लिए कैबिनेट काे भेजा है।

 

हिमाचल प्रदेश एजुकेशन (रेगुलेशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ टीचर) एक्ट-2019 के प्रारूप के अनुसार शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में शिक्षकों के तबादले 1 से 15 फरवरी के बीच होंगे। ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में तबादले 22 मार्च से 1 अप्रैल के बीच होंगे। शिक्षकों की रिटायरमेंट मार्च और अप्रैल में हाेगी। स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हाे इसके लिए यह निर्णय लिया जा रहा है।

 

शिक्षकाें और कर्मचारियों के तबादलों से सरकार भी परेशान है। बीते 3 जुलाई काे हुई कैबिनेट बैठक में इस मसले पर विस्तृत चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग काे निर्देश दिए थे कि अगली कैबिनेट के लिए इसका प्रस्ताव तैयार करके लाए। 16 काे हाेने वाली कैबिनेट में इस पर चर्चा हाेगी। यदि कैबिनेट मंजूरी देती है ताे विधानसभा के मानसून सत्र में इसकाे लेकर बिल लाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने एक साल पहले शिक्षकों के तबादलों का एक्ट तैयार कर लिया है। मंत्रियों और विधायकों के विरोध के बाद इसे लागू नहीं करवाया जा सका था।

 

एक्ट के प्रारूप के तहत पांच साल से ज्यादा समय तक कोई भी शिक्षक एक स्कूल या कॉलेज में नहीं रहेगा। दुर्गम क्षेत्रों से शिक्षक तीन साल के बाद ट्रांसफर हो सकेंगे। म्यूचुअल ट्रांसफर नहीं होगी। तबादलों की दृष्टि से हिमाचल के 5 जोन ए, बी, सी, डी और ई बनाए जाएंगे। नौकरी के दौरान हर जोन में शिक्षक को सेवाएं देना अनिवार्य होगा। ए और बी जोन प्रदेश के सुगम क्षेत्र होंगे, जबकि सी, डी और ई दुर्गम, अति दुर्गम और जनजातीय क्षेत्र में आएंगे।

 

ए और बी जोन के सुगम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे स्कूल-कॉलेज शिक्षकों को कम से कम पांच साल के बाद बदला जाएगा। सी, डी और ई जोन में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के तीन साल बाद तबादले होंगे। सेवानिवृत्ति को दो साल बचे हैं तो भी शिक्षक ट्रांसफर नहीं होंगे।

 

शिक्षकों के तबादले से पहले सरकार शिक्षकों से उनकी पसंद के सेंटर भी पूछेगी। जो शिक्षक सेंटर नहीं बताएंगे, उन्हें पूरे प्रदेश में कहीं भी भेजा जा सकेगा। ट्रांसफर के लिए ऑन लाइन ही आवेदन मांगे जाएंगे। जेबीटी, क्राफ्ट एंड वोकेशनल, टीजीटी, हेडमास्टर, पीजीटी, प्रिंसिपल (स्कूल-कॉलेज), असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर तबादला एक्ट की जद में आएंगे। 80 हजार के करीब शिक्षक इसके दायरे में आएंगे।

 

 

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