पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भारत- साउथ अफ्रीका मैच में हिमाचली हस्तशिल्प कला प्रदर्शनी का आयोजन, अनुराग ठाकुर बोले- महिला सशक्तीकरण की दिशा में लंबी छलांग

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
स्टेडियम में सुजानपुर की हस्त शिल्प महिला कामगरों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी - Dainik Bhaskar
स्टेडियम में सुजानपुर की हस्त शिल्प महिला कामगरों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी
  • शून्य से शिखर कार्यक्रम के अंतर्गत इसे आयोजित किया गया है
  • बोले अनुराग- प्रदेश के कारीगरों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है

धर्मशाला. केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर भारत और साउथ अफ्रीका के बीच आयोजित एक दिवसीय मैच देखने पहुंचे, हालांकि बारिश की वजह से मैच रद्द हो गया। इस दौरान उन्होंने स्टेडियम में सुजानपुर की हस्त शिल्प महिला कामगरों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को देखा, साथ ही उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ये महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ी छलांग है। शून्य से शिखर कार्यक्रम के अंतर्गत इन प्रदर्शनियों को लगाया गया था। 


बता दें, अनुराग ठाकुर के एनजीओ ने हस्तशिल्प कारीगरों की स्थायी आजीविका को बढ़ाने और हस्तशिल्प की कला को जीवित रखने के लिए पिछले दिनों सुजानपुर में शून्य से शिखर कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत कढ़ाई, लेस और बांस के 30 से अधिक कामगारों को 52 दिवसीय ट्रेनिंग दी गई है। इस ट्रेनिंग के बाद राष्ट्रीय स्तर के सुजानपुर मेले के बाद इस मैच में इन महिलाओं ने अपने प्रोडक्ट का एक स्टाॅल लगाया है। 


इस मौके पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध है और यहां के लोगों में अद्भुत प्रतिभा देखने को मिलती है। हस्तशिल्प के नाम पर यहां पत्थर, धातु की मूर्तियां,गुड़िया, मिट्टी के बर्तनों, चित्रों,कालीनों, शॉल की भारी मांग देश विदेश में है। लेकिन यहां के कारीगरों को नई तकनीक,मांग और बाजार लिंकेज की कमी जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।


इन चुनौतियों के चलते हिमाचल प्रदेश के उत्पादों को व्यापक रूप से बाहर पहुुंचाने में बाधा आ रही है। इसे देखते हुए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में प्रयास संस्था हिमाचल प्रदेश के हैंडीक्राफ़्ट्स उद्योग के सामने आने वाली इन परेशानियों को दूर करने के लिए शून्य से शिखर कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत महिलाएं अपनी मेहनत व हुनर से कई तरह के प्रोडक्ट बना कर अपना सामाजिक व आर्थिक विकास कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

खबरें और भी हैं...