कुल्लू दशहरा / नए स्वरूप में नजर आएगा इस बार अन्तरराष्ट्रीय दशहरा महोत्सव: गोविंद सिंह ठाकुर



दशहरा उत्सव की जानकारी देते कैबिनेट मंत्र गोविंद सिंह ठाकुर दशहरा उत्सव की जानकारी देते कैबिनेट मंत्र गोविंद सिंह ठाकुर
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दशहरा उत्सव की जानकारी देते कैबिनेट मंत्र गोविंद सिंह ठाकुरदशहरा उत्सव की जानकारी देते कैबिनेट मंत्र गोविंद सिंह ठाकुर

  • 8 से 14 अक्टूबर तक होने वाले लोक नृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित
  • पारंपरिक वाद्य यंत्रों को बाहर निकाल कर इनका वृहद प्रदर्शन किया जाएगा, हर संध्या विदेशी ट्रूप की परफॉर्मेंस

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 06:17 PM IST

कुल्लू. अन्तरराष्ट्रीय लोक नृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा इस बार नए स्वरूप में आयोजित करने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सूबे की परम्पराओं और संस्कृति से जुड़े अनेक कार्यक्रमों को प्रमुखता के साथ महोत्सव में शामिल किया जाएगा।

 

8 अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक सप्ताह भर चलने वाले इस महोत्सव के प्रबंधों को लेकर कुल्लू में वन, परिवहन व युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री एवं अध्यक्ष उत्सव समिति गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने यह बात कही।


गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि अनेक प्रकार के वाद्य यंत्र कुल्लू की संस्कृति का सदियों से हिस्सा रहे हैं, लेकिन यह दुःख की बात है कि इनमें से अधिकांश लुप्त प्राय हो गए हैं।

 

इस बार पारंपरिक वाद्य यंत्रों को बाहर निकाल कर इनका एक विशेष और वृहद प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए दशहरा के दौरान उपयुक्त समय निर्धारित करने के लिए उप-समिति को निर्देश दिए। देवी-देवताओं से जुड़े इन वाद्य यंत्रों से विश्व शांति का आह्वान किया जाएगा।

 

वन मंत्री ने कहा कि देव संस्कृति हमारे जीवन और परम्पराओं का अभिन्न हिस्सा है और सभी लोग इसका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि महोत्सव में 250 के करीब जिला के दूर दराज के क्षेत्रों से देवी-देवता आते हैं।

 

इनके साथ हजारों की संख्या में देवलू होते हैं।  उत्सव में देवताओं के लिए स्थान पहले ही निर्धारित किए गए हैं। इनके पांडालों में बिजली पानी की समुचित व्यवस्था करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए जाएंगे।


वन मंत्री ने कहा कि कुल्लू का दशहरा विश्व ख्याति प्राप्त महोत्सव है। इसपर हजारों व्यापारियों की नजर रहती हैं और कुल्लू, लाहौल-स्पिति, मण्डल व किन्नौर जिलों के हजारों बुनकरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए उपयुक्त मंच प्राप्त होता है।

 

उन्होंने कहा कि प्लाटों का आवंटन दशहरा आरंभ होने से चार-पांच दिन पहले पूरा हो जाना चाहिए और इसके लिए एडीएम की अध्यक्षता में उप-समिति जल्द आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्लाट आवंटन से 6.37 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी और इस वर्ष प्लाट की दरों में अधिक इजाफा नहीं किया जाना चाहिए। 
 

प्रत्येक संध्या होगी विदेशी ट्रूप की परफॉर्मेंस: गोविंद ठाकुर ने कहा कि सांस्कृतिक संध्याएं महोत्सव की विशेष आकर्षण होती हैं और इनका स्तर कायम रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिने जगत से चुनिंदा कलाकारों को स्टार नाइट के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। प्रत्येक संध्या को एक विदेशी ट्रूप की प्रस्तुति होगी। इसके लिए विभिन्न देशों के दूतावासों से पत्र व्यवहार किया गया है।

 

स्थानीय कलाकारों को देंगे अधिमान, लेकिन होगा आॅडिशन:
उन्होंने कहा कि महोत्सव में हिमाचल प्रदेश व स्थानीय कलाकारों को अधिमान दिया जाएगा, लेकिन उत्सव की गरिमा व वैभव को बनाए रखने के लिए कलाकारों का चयन आॅडिशन के माध्यम से किया जाएगा। यही, नहीं चयन समिति इस बात को ध्यान में रखेगी कि कलाकार जिस जिला व क्षेत्र का गीत प्रस्तुत कर रहा है, वह उसी प्रकार के परिधान पहन कर स्टेज पर आए। लोक गीत पारंपरिक व सामाजिक समरसता के संदेश से युक्त होने चाहिए। धर्म, जाति व व्यक्तिगत किसी प्रकार का प्रहार गीतों में न हो। हिमाचल के अलावा देश के विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य दलों को भी आमंत्रित किया गया है।

 

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