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सभ्यता की सांझ / इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आगाज, दिखाई जाएंगी 28 देशों की फीचर फिल्में



international film festival started at gaiety theater shimla
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international film festival started at gaiety theater shimla

  • ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में शुरू हुआ अंतर्राष्टीय शिमला फिल्म फेस्टिवल
  • तीन दिवसीय समारोह में शाॅर्ट, डॉक्यूमेंट्री, एनीमेशन और फीचर फिल्में दिखाई जाएंगी
  • कैदियों पर बनाई गई फिल्म \'बिहाइंड दा वार्स\' को भी दिखाया जा रहा है महोत्सव में

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 07:28 PM IST

शिमला। ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय शिमला फिल्म फेस्टिवल का आगाज हो गया। तीन दिवसीय इस समारोह में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की 28 देशों की शाॅर्ट, डॉक्यूमेंट्री, एनीमेशन और फीचर फिल्में दिखाई जाएंगी। समारोह में दर्शकों को कई ख्याति प्राप्त निर्देशकों की राष्ट्रीय पुरस्कृत फिल्मों को देखने को मिलेगी। इस बार फेस्टिवल में कंडा जेल के कैदियों पर बनाई गई फिल्म 'बिहाइंड दा वार्स' को भी दिखाया जा रहा है।

 

फेस्टिवल का शुभारंभ करने पहुंचे केन्द्रीय फिल्म डिवीजन के डीजी वीएस कुंडू ने कहा कि उभरते हुए नए कलाकारों और निर्देशकों के लिए यह आयोजन काफी लाभकारी है। फिल्में समाज का आयना होती है और लोगों को फिल्म के माध्यम से समाज की बेहतरी के लिए प्रोत्सहित किया जा सकता है। नए लोगों को इन फिल्मों को देखने से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

 

फिल्म फेस्टिवल के आयोजक पुष्पराज ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए निर्देशकों को पहचान दिलाने के लिए इस फेस्टिवल का आयोजन किया है, लेकिन प्रदेश सरकार की तरफ से उन्हें किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिल रही है, जबकि सरकार प्रदेश को पर्यटन का हब बनाने की बात करता है। उन्होंने कहा कि फिल्म फेस्टिवल के आयोजन में पहली बार केंद्रीय कारागार कंडा जेल के बंदियों के लिए भी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस फिल्म समारोह में मास्टर क्लासिस का भी आयोजन किया जाएगा जिससे लोगों के किसी भी तरह के सवालों का जवाब उन्हें मौके पर ही मिल सके।

 

समारोह में प्रसिद्ध फिल्मकार जेनिफर अलफोन्स की तेलंगाना के गौंड ट्राइब पर फिल्म 'नगोबा जाथ्रा' भी दिखाई जाएगी। जेनिफर की फिल्मों को कांस फिल्म समारोह में प्रदर्शित किया जा चुका है। जेनेफर ने बताया कि देश-विदेश से आए फिल्मकारों से इस सांझे मंच पर बहुत कुछ जानकारी और सीखने को मिलता है।

 

फेस्टिवल में अमेरिका, कनाडा, फ्रास, थाइलैंड, ईरान, पुर्तगाल, इजराइल, टर्की, सिंगापुर, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, रूस, यूक्रेन, फिनलैंड, नार्वे, यूनाइटेड किंगडम आदि देशों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें अधिकतर फिल्में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है। भारत के विभिन्न प्रातों की सर्वश्रेष्ठ फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित राची के निदेशक विजो टोपो व मेधनाथ भट्टाचार्य की डाक्यूमेंट्री नाची से वाची भी एक है।

 

यह फिल्म झारखंड के आदिवासी समुदाय के शिक्षक पद्मश्री रामदयाल मुंडा के जीवन पर आधारित है। तेलंगाना के गौंड ट्राइब पर प्रसिद्ध फिल्मकार जेनिफर की फिल्म नगोबा जाथ्रा भी दिखाई जाएगी। जेनिफर की फिल्मों को कांस फिल्म समारोह में प्रदर्शित किया जा चुका है। इसके अलावा पीएसबीटी की दो फिल्में दिखाई जाएंगी। फेस्टिवल में हिमाचल की पाच फिल्में दिखाई जाएंगी। फिल्मकार पवन शर्मा, डॉ. देव कन्या ठाकुर, मनुज वालिया, हैप्पी शर्मा, राजेंद्र राजन की फिल्मों की भी स्क्रीनिंग की जाएगी, जबकि मास्टर क्लासिस का भी आयोजन किया जा रहा है।

 

फेस्टिवल के दौरान समलैंगिक जैसे विषयों पर लगभग नौ फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। फिल्म डिविजन ऑफ इंडिया और इंडियन डाक्यूमेंट्री एसोसिएशन के माध्यम से दर्शकों को इंडियन क्लासिक सिनेमा और बेहतरीन क्षेत्रीय फिल्मों की स्पेशल स्क्रीनिंग की जाएगी।

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