हिमाचल / अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के लिए 216 देवी-देवताओं को भेजे निमंत्रण, 22 फरवरी से शुरू होगा महोत्सव

जिला प्रशासन ने यह निमंत्रण संबंधित देवी देवताओं के क्षेत्र के तहसीलदार को भेजा है, तहसीलदार इन निमंत्रण पत्रों को राजस्व विभाग केे पटवारियों के माध्यम से देवी देवताओं तक पहुंचाएंगे जिला प्रशासन ने यह निमंत्रण संबंधित देवी देवताओं के क्षेत्र के तहसीलदार को भेजा है, तहसीलदार इन निमंत्रण पत्रों को राजस्व विभाग केे पटवारियों के माध्यम से देवी देवताओं तक पहुंचाएंगे
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जिला प्रशासन ने यह निमंत्रण संबंधित देवी देवताओं के क्षेत्र के तहसीलदार को भेजा है, तहसीलदार इन निमंत्रण पत्रों को राजस्व विभाग केे पटवारियों के माध्यम से देवी देवताओं तक पहुंचाएंगेजिला प्रशासन ने यह निमंत्रण संबंधित देवी देवताओं के क्षेत्र के तहसीलदार को भेजा है, तहसीलदार इन निमंत्रण पत्रों को राजस्व विभाग केे पटवारियों के माध्यम से देवी देवताओं तक पहुंचाएंगे

  • डाक से नहीं तहसीलदार के माध्यम से निमंत्रण पत्र भेजने की परंपरा का आज भी किया जा रहा निर्वहन
  • छोटी काशी के नाम से मशहूर मंडी में 22 से 28 फरवरी तक किया जाता है इस मेले का आयोजन

दैनिक भास्कर

Jan 20, 2020, 03:37 PM IST

मंडी. राजस्व विभाग के अधिकारियों के माध्यम से देवी देवताओं को शिवरात्रि मेले का निमंत्रण पत्र भेजने की परंपरा का जिला प्रशासन आज भी बखूबी निर्वहन कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने वाले 216 देवी देवताओं को प्रशासन की ओर से निमंत्रण भेज दिया गया है।

जिला प्रशासन ने यह निमंत्रण संबंधित देवी देवताओं के क्षेत्र के तहसीलदार को भेजा है। तहसीलदार इन निमंत्रण पत्रों को राजस्व विभाग केे पटवारियों के माध्यम से देवी देवताओं तक पहुंचाएंगे।

छोटी काशी के नाम से मशहूर मंडी शहर में इस बार 22 से 28 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस बार प्रशासन ने किसी नए देवी-देवता को न्योता नहीं दिया है। केवल उन्हीं देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजे हैं जो पहले से पंजीकृत हैं।

हालांकि सुकेत (नया नाम सुंदरनगर) के देवी देवताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था के पदाधिकारियों ने इस वर्ष शिवरात्रि मेले में सुकेत रियासत के देवी देवताओं को भी निमंत्रण देने की पुरजोर कोशिश की लेकिन कांगणीधार में संस्कृति सदन का निर्माण कार्य अधूरा होने की वजह से संस्था के पदाधिकारियों को अगले साल तक इंतजार करने का आग्रह किया गया है।


अन्य क्षेत्रों के देवी देवताओं के कारदारों के भी प्रशासन व सर्व देवता सेवा समिति के पदाधिकारियों के पास इस संदर्भ में आवेदन पहुंचे हैं। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव इस बार 22 व 25 और 28 फरवरी को देवी-देवताओं की भव्य जलेब निकाली जाएगी। इस संबंध में जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और लोगों से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं।


इस बार स्वयं मेले का संचालन करेगा प्रशासन: शिवरात्रि महोत्सव की आय के साधन बढ़ाने को प्रशासन सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है। प्रशासन इस बार मेले के आयोजन से जुड़े काम खुद अपने हाथ में लेने की सोच रहा है। मेले के आयोजन को लेकर पड्डल मैदान की बोली पिछली बार के मुकाबले कम जाने की स्थिति में प्रशासन प्राइवेट वेंडर्स को ठेका देने की बजाए आयोजन से जुड़े काम अपने हाथ में लेने का विकल्प अपना सकता है।


छह सांस्कृतिक संध्याएं, तीन हिमाचली कलाकारों के नाम: महोत्सव के दौरान पड्डल में छह सास्कृतिक संध्याएं होंगी। इनमें तीन संध्याएं विशेष तौर पर हिमाचली कलाकारों के लिए रहेंगी। अन्य तीन संध्याएं बॉलीवुड व बाहर के अन्य कलाकारों के लिए रहेंगी।


इस वर्ष भी नहीं भर पाएगी शिवरात्रि मेले में दो रियासतों की खाई: रियासतकाल में सुकेत व मंडी रियासत के राजाओं में तनातनी रही है। इतिहास के पन्नों को पलट कर देखने पर इसके प्रमाण देखने को मिलते है। रियासतकाल में एक रियासत के देवी देवता दूसरी रियासत के देव समागमों में नहीं जाते थे। रजवाड़ाशाही का दौर खत्म हो गया है लेकिन चली आ रही खट्टास आज भी देखने को मिलती है।


शिवरात्रि महोत्सव का मंडी रियासत के राजपिरवार से गहरा नाता: शिवरात्रि के अगले दिन से मनाया जाने वाला 7 दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव आज जिला या प्रदेश स्तर पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। जब तक मंडी शहर के राज माधवराय की पालकी नहीं निकलती, तब तक शिवरात्रि महोत्सव की शोभायात्रा नहीं चलती है।

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