सख्ती / चिट्टा बेचने व नशा करने वालों पर दर्ज होगा गैर इरादतन हत्या करने के प्रयास का मामला, बोले डीजीपी



मीडिया से रूबरू होते डीजीपी एसआर मरड़ी मीडिया से रूबरू होते डीजीपी एसआर मरड़ी
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मीडिया से रूबरू होते डीजीपी एसआर मरड़ीमीडिया से रूबरू होते डीजीपी एसआर मरड़ी

  • बोले, पुलिस कॉन्स्टेबल की लिखित परीक्षा भर्ती फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी विक्रम जल्द होगा गिरफ्तार
  • नशा और इसका व्यापार करने वालों के खिलाफ सूचना प्राप्त करने के लिए पुलिस को सार्वजनिक भागीदारी बढ़ानी होगी

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 07:05 PM IST

धर्मशाला (प्रेम सूद).पुलिस महानिदेशक एसआर मरड़ी ने कहा है कि युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृति एक वैश्विक समस्या बनती जा रही है। हमें रणनीति बनाकर तथा समाज की भागीदारी बढ़ाकर युवाओं की मानसिक स्थिति को सुधारना होगा तभी हम एक सभ्य समाज का निर्माण करने के साथ-साथ इस समस्या से निपट सकेंगे।
 

हिमाचल पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है। चिट्टा बेचने व इसका नशा करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 308 (यानि गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास) लगाने का निर्णय लिया है। यह काफी गंभीर सेक्शन है। इसके अतिरिक्त जांच में और कुछ भी सामने आता है तो और भी सेक्शन जोड़े जाएंगे। 

 

उन्होंने बताया कि नशे के आदी के उपचार, इन्फोर्समेंट तथा जागरुकता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बोले कि नशा और इसका व्यापार करने वालों के खिलाफ सूचना प्राप्त करने के लिए पुलिस को सार्वजनिक भागीदारी बढ़ानी होगी और सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करना होगा।

 

सूक्ष्म प्रबंधन पर टीम बनाकर कार्य करना होगा। हालांकि यह जोखिम भरा काम होता है और नशे के तस्करों को समाज की समृद्धि से कोई लेना-देना नहीं, उन्हें तो अपना कारोबार करने से मतलब है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबारी को सख्त से सख्त सजा दिलवाने के लिए हम कार्य कर रहे हैं।

 

धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में मरडी ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन विभाग की अनुमति के बिना चल रहे डांस बार और डिस्कोथेक पर भी पुलिस कानूनी शिकंजा कसेगी। साइबर क्राइम पर बारे उन्होंने कहा कि लोग जितनी जल्दी इसकी सूचना पुलिस को दें उतनी जल्दी कार्रवाई की संभावना रहती है।

 

पुलिस लोगों को समय-समय पर इसके बारे जागरूक करती रहती है। लोग अपने एटीएम कार्ड व ओटीपी नंबर की जानकारी किसी को न दें। अगर एटीएम कार्ड की जानकारी व ओटीपी नंबर किसी को न बताया जाए तो साइबर क्राइम से काफी हद तक बचा जा सकता है।

 

पुलिस कॉन्स्टेबल की लिखित परीक्षा भर्ती फर्जीवाड़े के बारे पूछने पर बोले कि मुख्य आरोपी विक्रम को पुलिस शीघ्र गिरफ्तार करेगी। विक्रम पिछले दिनों हरियाणा में अपने रिश्तेदार के यहां रुका था।

 

उन रिश्तेदारों ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी, इसलिए वह गिरफ्तार नहीं हो पाया। फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड की धरपकड़ को लेकर पुलिस विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि मास्टर माइंड के पकड़ में आने के बाद इस मामले में कुछ और तथ्य निकलकर सामने आ सकते हैं।

 

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