हिमाचल / मरीजों को आज भी कंधों पर ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता, सरकार के दावों की पोल खुली



Lifts patients in Himachal to hospital
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Lifts patients in Himachal to hospital

  • मरीज बीमार पड़ जाए तो कुर्सी पर बैठाकर और कंधे पर उठाकर खतरनाक पगडंडी के रास्ते पहुंचते हैं सड़क तक
  • कुल्लू की गाड़ापारली के गांव मनाउगी गांव वासियों की कहानी

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 04:13 PM IST

कुल्लू. प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के कई गांवों तक अभी तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में यहां रहने वाले लोग खाने का सामान और उत्पादन को  पीठ पर लाद कर मुख्य सड़कों तक पहुंचाते हैं। बीमार मरीजों को भी जद्दोजहद के बाद ही मुख्य सड़क तक लाया जाता है। 

 

जिला कुल्लू की सैंज घाटी में दुर्गम पंचायत गाड़ापारली के कई गांव अभी भी विकास से कोसों दूर है। पंचायत के मनाउगी गांव के लोग कभी बीमार पड़ जाए तो बीमार को कुर्सी में चढ़ाकर फिर उसे कंधों पर उठाकर पहले सड़क तक लाना पड़ता है उसके बाद कहीं वाहन अस्पताल तक पहुंंचाने के लिए मिलता है।

 

गांव मनाउगी की 46 वर्षीय सवित्रा देवी को भी बीमार पड़ने पर गांव के लोगों ने करीब 8 किलोमीटर खतरनाक पगडंडी में कुर्सी में बांधा और फिर कंधों पर उठाकर लाया और सैंज अस्पताल पहुंचाया। कई गांवों तक सड़क नहीं पहुंची है इसलिए क्षेत्र के लोगों को बीमार जिंदगियों के साथ साथ रोजमर्रा का सामान भी पीठ पर उठाकर अपने घर तक पहुंचाना पड़ता है

 

क्षेत्र के लोगों की माने तो यह स्थिति सिर्फ मनाउगी गांव की ही नहीं है क्षेत्र के कई ऐसे गांव हैं जहां तक सड़क नहीं पहुंच पाई है और बीमार लोगों को गांव से सड़क तक ऐसे ही कंधों पर उठाकर लाना पड़ता है। वह चाहे गर्भवती महिला हो या फिर दूसरा कोई बीमार व्यक्ति। 

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