हिमाचल / मंडी बना प्रदेश का पहला संपूर्ण ई-डिस्ट्रिक्ट, सभी नागरिक सेवाएं ऑनलाइन होंगी मुहैया

बैठक की अध्यक्षता करते डीसी ऋग्वेद ठाकुर बैठक की अध्यक्षता करते डीसी ऋग्वेद ठाकुर
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बैठक की अध्यक्षता करते डीसी ऋग्वेद ठाकुरबैठक की अध्यक्षता करते डीसी ऋग्वेद ठाकुर

  • इसके तहत जिले में सभी कार्यालयों में जन केंद्रित सेवाओं का पूर्ण कंप्यूटरीकरण होगा
  • फील्ड में पटवारी कार्यालयों से लेकर डीसी ऑफिस तक से जुड़ी सभी नागरिक सेवाएं होंगी ऑनलाइन उपलब्ध
  • पुरानी फाइलें होंगी वीड आउट, कार्यालयों को पेपर लैस बनाने पर दिया जा रहा जोर

दैनिक भास्कर

Jan 21, 2020, 01:29 PM IST

मंडी. मंडी जिला हिमाचल का पहला ई-डिस्ट्रिक्ट बनेगा। इसे लेकर जिला प्रशासन ने मिशन मोड पर कवायद छेड़ी है। इसके तहत जिले में सभी कार्यालयों में जन केंद्रित सेवाओं का पूर्ण कंप्यूटरीकरण होगा और विभिन्न नागरिक सेवाएं आनलाइन मिलेंगी।


डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार का राज्य के सभी जिलों में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना को लागू कर आम जनता को सुविधा प्रदान करने तथा घर बैठे सेवाएं प्रदान करने पर विशेष जोर है। इसके दृष्टिगत मंडी जिला को संपूर्ण ई-डिस्ट्रिक्ट बनाने के लिए काम किया जा रहा है।


फील्ड में पटवारी कार्यालयों से लेकर डीसी ऑफिस तक से जुड़ी सभी नागरिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसलिए जिलेभर में कार्यालयों का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है। घर बैठे विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों को बड़ी सहुलियत होगी और उन्हें सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से निजात मिलेगी।

ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना में विभिन्न प्रमाण पत्र, शिकायत, पेंशन, राजस्व संबंधी एवं रोजगार केंद्रों में पंजीकरण से जुड़ी सेवाओं समेत अन्य नागरिक सेवाएं आॅनलाइन प्रदान की जाती हैं। कार्यों पर भी सबकी नजर रहेगी, लोग भी अपने पेंडिग कार्य को देख सकेंगे की वह कहां पर फसा है और क्या कारण है कि वह पूरा नहीं हो पा रहा है।


पुरानी फाइलें होंगी वीड आउट: जिलेभर के सरकारी कार्यालयों में आफिस नियमावली के अनुरूप पुरानी फाइलों व रिकाॅर्ड को हटाने (वीड आउट) की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इसे लेकर डीसी आफिस से सभी कार्यालयों से रिपोर्ट मांगी गई है। वीड आउट प्रक्रिया से स्पेस की कमी दूर होगी और कामकाजी हालात में सुधार होगा।


कार्यालयों को पेपरलेस बनाने का 90% काम पूरा: ई-डिस्ट्रिक्ट' के साथ-साथ जिले में हर कार्यालय को पेपरलेस (कागज रहित) बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे अब कार्यालयों को फाइलों से पूरी तरह छुटकारा मिलेगा। उपायुक्त कार्यालय को पेपरलेस बनाने का 90 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। अब इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले में लागू किया जाएगा। जिले में नई डिजिटल तकनीकी के सदुपयोग से जनसेवाओं को सुलभ बनाने और कामकाजी व्यवस्था को सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाने के लिए समर्पित प्रयास किए जा रहे हैं।

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