हिमाचल / जिस जिले के पास जो उत्पाद, उस जिले को मिलेगी वैसी फूड प्रोसेसिंग यूनिट



इंवेस्टर मीट में आऐंगे कई देशों के प्रतिनिधि। इंवेस्टर मीट में आऐंगे कई देशों के प्रतिनिधि।
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इंवेस्टर मीट में आऐंगे कई देशों के प्रतिनिधि।इंवेस्टर मीट में आऐंगे कई देशों के प्रतिनिधि।

  • 8 उत्पादों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट दे सकती है इन्वेस्टर मीट

Dainik Bhaskar

Oct 22, 2019, 10:56 AM IST

शिमला. हिमाचल में पैदा हाेने वाले मशरूम, टमाटर, मीट, फ्रूट वाइन, सी बकथार्न आयल जैसे उत्पादाें की प्राेसेसिंग के लिए दूसरे प्रदेशों में नहीं जाना पड़ेगा। हिमाचल के इन उत्पादों के लिए प्रदेश में ही प्रोसेसिंग यूनिट लगाए जाने का न सिर्फ रोडमेप तैयार कर लिया गया है बल्कि उन जिलों काे भी चुन लिया गया है जहां ये यूनिट लगाए जाएंगे।

 

अगले महीने धर्मशाला में होने वाली इनवेस्टर मीट फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का विकल्प भी निवेशकों के सामने रखने जा रही है। इन निवेशकों के लिए ऐसे जिलों को भी चिह्नित कर लिया गया है जहां फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए निवेशकों को बुलाया जाएगा। हर जिले को वहां पैदा होने वाले उत्पादों की क्षमता के मुताबिक ही चुना गया है। इस तरह न उत्पादकों को अपने उत्पादों को लेकर दूर जाना पड़ेगा। बल्कि निवेशकों को भी आसानी से कच्चा माल मिल जाएगा।

 

प्रदेश में पैदा होने वाले 8 उत्पादों को फूड प्रोसेसिंग यूनिट के दायरे में लाने के लिए रखा गया है। प्रदेश में पैदा होने वाले उत्पादों की फूड प्रोसेसिंग के लिए कच्चे माल के जिलावार कल्स्टर बनाए है।


इंटरनेशनल मार्केट की डिमांड पूरी करेंगे ये उत्पाद और जिले
कुल्लू जिला में मीट प्राेसेसिंग यूनिट काे लगाए जाने के लिए चुना गया है। अंतराष्ट्रीय बाजार में 2022 तक मीट की मांग 1567 बिलियन यूएस डालर पहुंचने के लक्ष्य काे देखते हुए सरकार चाहती है कि निवेशक कुल्लू जिले में इस सेक्टर में निवेश करे।

 

फ्राेजन मटर की मांग काे पूरा करने के लिए निवेशकों को मंडी जिले में आमंत्रित किया जा रहा है। विश्व स्तर पर मटर की डिमांड 25 हजार टन है। अकेले भारत ही 75 प्रतिशत मटर की मांग काे पूरा करता है।2022 तक टमाटर की विश्व स्तर पर 22 मिलियन टन की डिमांड होगी। हिमाचल के हर हिस्से में टमाटर की पैदावार अच्छी है। इसलिए पूरे प्रदेश में टमाटर की प्रोसेसिंग से जुड़े यूनिट लगाने के विकल्प खुले रखे गए हैंं।

 

2021 तक विश्व में मशरूम की मार्केट डिमांड 59.48 बिलीयन यूएस डाॅलर तक पहुंचने के आसार हैं। हिमाचल के हर हिस्से में मशरूम की पैदावार बहुत ही बेहतर तरीके से हो रही है। इसलिए निवेशक पूरे प्रदेश में कहीं भी इस उत्पाद की प्रोसेसिंग के लिए आ सकते हैं।

 

पाेल्ट्री और कैटल फीड सेक्टर में भी प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावना है। 2020 तक इस उत्पाद की विश्व स्तर पर 30 बिलीयन यूएस डाॅलर की मांग हिमाचल में कहीं भी निवेशक यूनिट लगाने के लिए आ सकते हैं।

 

अंतराष्ट्रीय स्तर पर वाईन की लगातार बढ़ती मांग काे पूरा करने के लिए निवेशक पूरे प्रदेश में कहीं भी निवेश कर सकते हैं। क्योंकि प्रदेश के हर हिस्से में वाइन बनाने के लिए जरूरी फलों का उत्पादन हो रहा है।

 

सी बकथर्न ऑयल का खास पौधा हिमाचल और उत्तरांचल में ही पाया जाता है। इस औषधीय पौधे से तैयार तेल कैंसर, डायबिटीज से निजात पाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। इन उत्पाद को भी निवेशकों के लिए चुना गया है।

 

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