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जीएसटी / हिमाचल में 10 हजार से ज्यादा ठेकेदार 17 आैर 18 सितंबर को करेंगे हड़ताल



  • जीएसटी फॉर्मूले को बदलने की मांग, सरकार काे दिया 2 दिन का वक्त
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 06:43 AM IST

शिमला. हिमाचल के ठेकेदारों ने दो दिन तक सरकार के खिलाफ विरोध करते हुए काम न करने का फैसला लिया है। ठेकेदारों ने राज्य सरकार के जीएसटी रिफंड के फार्मूले को मानने से साफ इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे ठेकेदारों को नुकसान ही हो रहा है।

 

हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन ने सतीश विज की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें फैसला लिया है कि यदि सरकार दो दिनों में फाॅर्मूले को बदलने का फैसला नहीं लेती है तो 17 आैर 18 को काम नहीं करेंगे। यह सांकेतिक हड़ताल है। फिर 15 दिन बाद एसोसिएशन सख्त फैसले लेगी।

 

एक जुलाई 2017 से पहले के कार्यों पर मांगें रिफंड

ठेकेदार सरकार से एक जुलाई 2017 से पहले के कार्यों पर पूरा रिफंड मांग रहे हैं। उनका तर्क है कि उस समय तक सरकार में नए टैक्स ढांचे को लागू नहीं किया था। इसके बावजूद इससे पहले के आवंटित कार्यों पर भी रिफंड नहीं मिल रहा है।

 

वहीं नए कार्यों के आवंटन में जीएसटी अलग से दिया जाए। ठेकेदारों का आरोप है कि उन्हें दो बार जीएसटी देना पड़ता है। सामान खरीद से लेकर काम की लागत पर जीएसटी दे रहे हैं। इससे जीएसटी का आंकड़ा तो बढ़ेगा, लेकिन ठेकेदार नहीं बचेंगे। 

 

सीएम की अध्यक्षता में हो चुकी है एक बार मीटिंग

ठेकेदारों के साथ पहले ठेकेदार वेल्फेयर एसोसिएशन की बैठक हो चुकी है। इसमें इन्हें आश्वासन मिला था कि जीएसटी से संबंधित समस्याआें को हल कर दिया जाएगा। अब ठेकेदारों ने फिर से सीएम से मांग की है कि इस मसले को शीघ्र ही हल करने के लिए निजी तौर पर हस्तक्षेप करें।

 

बरसाती नुकसान की भरपाई में आएगी दिक्कत

राज्य में बरसात के चलते काफी नुकसान हुआ है। इसे ठीक करने का काम चला है। 50 फीसदी से लगभग काम राज्य में निजी ठेकेदारों के माध्यम से होता है। इनके हड़ताल पर रहने से बंद सड़कों को खोलने के लेकर सड़कों के गड्डों को भरने का आेर इंतजार करना पड़ सकता है।

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