हिमाचल / बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए शिमला, मंडी और सिरमौर को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार



केंद्रीय मंत्री से पुरस्कार लेते सिरमौर के डीसी आरके पुरुथी केंद्रीय मंत्री से पुरस्कार लेते सिरमौर के डीसी आरके पुरुथी
केंद्रीय मंत्री से पुरस्कार लेते मंडी के डीसी ऋग्वेद ठाकुर केंद्रीय मंत्री से पुरस्कार लेते मंडी के डीसी ऋग्वेद ठाकुर
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केंद्रीय मंत्री से पुरस्कार लेते सिरमौर के डीसी आरके पुरुथीकेंद्रीय मंत्री से पुरस्कार लेते सिरमौर के डीसी आरके पुरुथी
केंद्रीय मंत्री से पुरस्कार लेते मंडी के डीसी ऋग्वेद ठाकुरकेंद्रीय मंत्री से पुरस्कार लेते मंडी के डीसी ऋग्वेद ठाकुर

  • शुक्रवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकासमंत्री स्मृति ईरानी ने तीनों जिलों के उपायुक्त को दिया पुरस्कार
  • ये पुरस्कार पहले पिछले महीने की 7 तारीख तो दिए जाने थे लेकिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन के कारण यह समारोह स्थगित कर दिया गया था

Dainik Bhaskar

Sep 06, 2019, 06:21 PM IST

शिमला. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए हिमाचल के तीन जिलों शिमला,मंडी और सिरमौर को शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। ये पुरस्कार जागरूकता अभियान और दूसरी गतिविधियों को सही तरह से करने के लिए दिए गए हैं।

 

विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकासमंत्री स्मृति ईरानी ने मंडी के डीसी ऋग्वेद ठाकुर, शिमला के डीसी अमित कश्यप और सिरमौर के डीसी आरके पुरुथी को यह पुरस्कार लिए हैं। 

 

मंडी जिले को एक वर्ष के अंतर के बाद दूसरी बार इस राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। इस बार मंडी जिले को समाज में जागरूकता फैलाने में देशभर में नंबर एक पर आंके जाने के लिए दिया गया है। 

 

पिछले साल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 7 अक्तूबर को इस अभियान को विधिवत रूप से शुरू किया। जिले को इस अभियान में प्रभावी जनसहभागिता के लिए देश भर में नंबर एक पर आंके जाने के बाद इस साल दिल्ली में 24 जनवरी को डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया।

 

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को लोगों तक पंहुचाने के लिए किए गए उत्कृष्ट कामों के लिए देश के 600 जिलों में से चयन किए 10 जिलों में शिमला और सिरमौर का चयन किया गया।डीसी शिमला के मुताबिक यह पुरस्कार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को लोगों तक पहुंचाने में सभी संबद्ध विभागों के समन्वित प्रयासों तथा सहयोग के परिणामों का फल है।

 

जिला सिरमौर में इस कार्यक्रम तहत नवजात बालिका होने पर बधाई पत्र, पौधा और भेंट देने की शुरूआत उपायुक्त सिरमौर द्वारा सबसे पहले की गई थी। इसे बाद में एक बूटा बेटी का नाम दिया गया। इसे जन-जन पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने पंजीकरण के लिए आने वाली व्यवसायिक वाहनों और सरकारी बसों में बेटी बचाओ.बेटी पढ़ाओ का प्रतीक चिन्ह आवश्यक कर दिया।

 

बता दें कि ये पुरस्कार पहले पिछले महीने की 7 तारीख तो दिए जाने थे लेकिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन के कारण यह समारोह स्थगित कर दिया गया था।

 

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