उपलब्धि / फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में निवेश के लिए नीदरलैंड तैयार

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 08:59 PM IST


Netherlands ready to invest in food processing industry in Himachal Pradesh.
X
Netherlands ready to invest in food processing industry in Himachal Pradesh.

  • नवंबर-2019 में धर्मशाला में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में नीदरलैंड के महासचिव और उनके मंत्रालय को आमंत्रित किया
  • दिल्ली में 3-4 नवंबर को वर्ल्ड फूड एक्सपोज के तुरंत बाद इनवेस्टर मीट का अायोजन किया जाएगा

शिमला. नीदरलैंड हिमाचल में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में निवेश करेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व उनके प्रतिनिधिमंडल ने नीदरलैंड के एमस्टर्डम में कृषि, प्रकृति और खाद्य गुणवत्ता मंत्रालय के महासचिव जेन-कीस गो एट के साथ बैठक की। बैठक में कृषि अौर बागवानी के अलावा अन्य संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।

 

मुख्यमंत्री ने महासचिव को हिमाचल में फलोत्पादन के लिए प्रकृति द्वारा प्रदान की गई व्यापक क्षमताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल को भारत का फल राज्य कहा जाता है। यहां जलवायु विविधता होने के कारण विभिन्न प्रकार के फलों का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि यहां फल एवं खाद्यान प्रसंस्करण में व्यापक निवेश की संभावनाएं उपलब्ध हैं।

 

ये रहे उपस्थित: उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, नीदरलैंड में भारत के राजदूत वेणु राजामोनी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा, विशेष सचिव आबिद हुसैन सादिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

हिमाचल के लिए फायदेमंद होगा नीदरलैंड का पैटर्न

  1. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नीदरलैंड ने जल प्रबंधन और कृषि अौर बागवानी में कम भूमि का उपयोग करके उन्नत पद्धतियों को अपनाया है, जो हिमाचल जैसे राज्य के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती हैं। उन्होंने दिल्ली में 3-4 नवंबर को वर्ल्ड फूड एक्सपोज के तुरंत बाद इनवेस्टर मीट का अायोजन किया जाएगा। नवंबर-2019 में धर्मशाला में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में नीदरलैंड के महासचिव और उनके मंत्रालय को आमंत्रित किया।

     

  2. कृषि, प्रकृति और खाद्य गुणवत्ता मंत्रालय के महासचिव जेन-कीस गो एट ने कहा कि नीदरलैंड ने तीन मुख्य हित धारकों सरकार, अनुसंधान केंद्रों और कृषि व्यवसायों के बीच सहयोग का सुनहरा त्रिकोण बनाया है।

  3. जेन कीस धर्मशाला में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री के निमंत्रण को भी स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने राजा के दक्षिण हॉलैंड के आयुक्त, प्रोविंशियुइस, जुइद हॉलैंडलान, द हॉग जाप स्मिट के साथ कृषि और बागवानी आदि के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। जाप स्मिट ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित की जाने वाली पहली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के आयोजन में अपने सहयोग और इस बड़े आयोजन में डच व्यापार और व्यापार मिशन का नेतृत्व करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी एमस्टर्डम आरएआई में ग्रीनटेक प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जो विश्व की सबसे बड़ी ग्रीनटेक बागवानी आधारित प्रदर्शनी है। मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शनी में अपनी गहरी रूचि दिखाई।

     

  4. धर्मशाला में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट अब सितंबर के बजाए नवंबर को अायोजित होगी। इसके लिए 7 अौर 8 नवंबर की डेट प्रस्तावित की गई है। इसकी अौपचारिक घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर विदेश दौरे से लौटने के बाद करेंगे। बीते 1 जून को हुई राज्य कैबिनेट मीटिंग में इनवेस्टर मीट की डेट बदलने के मसले पर विस्तृत चर्चा की गई थी। उद्योग विभाग ने इस पर राज्य निर्वाचन विभाग की राय भी ली थी। जिसके बाद चुनावों की डेट में बदलाव किया गया है। माना जा रहा है कि हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ ही हिमाचल की 2 सीटों पर भी उप चुनाव करवाए जाएंगे। इसके लिए यह डेट बदली गई है। सरकार का तर्क है कि यदि सितंबर महीने में चुनाव घोषित हो जाते हैं तो इनवेस्टर मीट को टालना पड़ेगा अौर इसको लेकर की गई सारी तैयारियां बेकार हो जाएंगी। पहले सरकार ने 26 और 27 सितंबर को धर्मशाला में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट रखी थी। 

COMMENT