हिमाचल / एनजीटी के आदेश,स्थानीय निकायाें काे 31 जनवरी तक बनानी हाेगी बॉयोडाइवर्सिटी कमेटी



एनजीटी हिमाचल। डेमो फोटो एनजीटी हिमाचल। डेमो फोटो
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एनजीटी हिमाचल। डेमो फोटोएनजीटी हिमाचल। डेमो फोटो

  • इन कमेटियाें का गठन प्रदेश की विलुप्त् हाेती वनस्पतियाें व जीव- जंतुओं के सरंक्षण पर काम करने के लिए किया जाना है

Dainik Bhaskar

Oct 22, 2019, 01:44 PM IST

शिमला. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशाें के बाद भी शहरी विकास विभाग और ग्रामीण विकास विभाग ने अभी तक शहरी निकायाें और पंचायताें में बायाेडाइवर्सिटी कमेटी का गठन नहीं किया है। एनजीटी ने दाेनाें विभागाें काे 31 जनवरी तक का समय दिया है।

 

इस कमेटी का गठन करना एनजीटी ने बेहद अनिवार्य किया है। ऐसा न करने पर एनजीटी दाेनाें विभागाें से हर महीने दस लाख रुपए तक का जुर्माना वसूलेगी। कमेटी में अध्यक्ष समेत सदस्याें काे मनाेनित किया जाना है। जाे एक लंबी प्रक्रिया है। इन कमेटियाें का गठन प्रदेश की विलुप्त् हाेती वनस्पतियाें, जीव- जंतुओं के सरंक्षण पर काम करने के लिए किया जाना है। लेकिन दाेनाें ही विभाग इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए गंभीर नहीं दिख रहे है, तभी ताे दाेनाें ही विभागाें ने इस कमेटी के गठन के लिए अपनी गंभीरता नही दिखाई है।

 

हिमाचल का स्टेट बाॅयाेडाइवर्सिटी बाेर्ड लोगाें काे विलुप्त हाेती वनस्पति और जीव- जंतुओं के सरंक्षण काे लेकर लाेगाें काे ट्रेनिंग दे चुका है। यह ट्रेनिंग मंत्री स्तर से लेकर जिला परिषद और डीसी लेवल तक सभी काे इस संबंध में ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

 

कमेटी का गठन न हाे पाने के कारण लाेग इस दिशा में बेहतरी से काम नहीं कर पा रहे है। इस काम में उचित मार्ग दर्शन न मिल पाने के कारण बायाे डाइवर्सिटी पर काम नहीं हाे पा रहा है जाे पर्यावरण सरंक्षण के लिए खतरा बनता जा रहा है।

 

जनवरी तक 3280 कमेटियाें काे किया जाना है गठन
बायाेडाइवर्सिटी पर काम करने के लिए प्रदेश में 3280 कमेटियाें का गठन किया जाना है। इसके अलावा जिला और ब्लाॅक स्तर पर अलग से कमेटियां बनाई जानी है। इसमें 3226 पंचायताें में और 54 शहरी निकायाें में कमेटियां बननी है।

 

यह कमेटियाें शहरी विकास विभाग और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ही बनाई जानी है। हालांकि बाेर्ड ने अपने स्तर पर 800 कमेटियाें का गठन किया है। जाे इस काम के लिए काफी नहीं है। हर पंचायत में कमेटी बनने के बाद प्रदेश के विलुप्त हाेते जीव जंतुओं और परंपरागत खेती काे बढ़ावा देने पर काम किया जाना है।

 

राज्य बायाेडाइवर्सिटी बाेर्ड  के सदस्य सचिव डीसी राणा ने कहा कि एनजीटी के आदेशाें काे लेकर शहरी विकास और ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग काे 31 जनवरी तक बायाेडाइवर्सिटी कमेटियाें का गठन करने काे कहा है। ऐसा न करने पर दाेनाें विभागाें से हर महीने दस लाख रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।

 

 


 

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