विधानसभा / बरसात में सड़कों के नुकसान के लिए रखरखाव का कोई निश्चित बजट का प्रावधान नहीं : जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुरमुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

  • प्रश्नकाल के दौरान देहरा के विधायक होशियार सिंह और दरंग से विधायक जवाहर ठाकुर ने ग्रामीण सड़कों के रखरखाव पर उठाया सवाल

दैनिक भास्कर

Dec 11, 2019, 05:56 PM IST

धर्मशाला. विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान देहरा के विधायक होशियार सिंह और दरंग से विधायक जवाहर ठाकुर ने ग्रामीण सड़कों के रखरखाव पर सवाल उठाया। जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बरसात में सड़कों के नुकसान के रखरखाव के लिए कोई निश्चित बजट का प्रावधान नहीं है।

किसी विभाग विशेष की ओर से रखरखाव नहीं किया जाता। हर साल बरसात, सर्दियों में ये सड़कें खराब हो जाती हैं। चूंकी हिमाचल की भूगौलिक परिस्थियां सड़कों के अनुकूल नहीं हैं, इसलिए सरकार के पास सीमित संसाधन हैं।

सड़कों का निर्माण पीडब्ल्यूडी करता है लेकिन इसका रखरखाव नहीं किया जा सकता क्योंकि ये हर साल टूटती रहती हैं। हर साल खराब होने पर विभाग को ज्यादा खर्च वहन करना पड़ता है इसलिए मनरेगा और 14वें वित्तायोग के तहत इनका रखरखाव किया जा सकता है।

बोले कि विधायक निधि में भी सड़कों के रखरखाव का प्रोविजन रखा गया है। वन विभाग भी सड़कों का रखरखाव नहीं कर सकता। विधायक होशियार सिंह ने राइट टू रोड का सवाल उठाया। उन्होंने 90 के दशक की सड़कों पर सवाल उठाते हुए कहा कि टूटी हुई सड़कों को वन विभाग और राजस्व विभाग एनओसी नहीं दे रहा।

आज उन सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। जयराम ठाकुर ने जवाब दिया कि वन विभाग के तहत बनाई सड़कें आज वाकई परेशानी का सबब बनी हुई हैं। आज उन सड़कों के टूट जाने के बाद वन विभाग फाॅरेस्ट क्लियरेंस नहीं देता।

वन विभाग ऐसी सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी ले इसके लिए विभाग से बातचीत करनी पड़ेगी। सालों से चल रही ऐसी सड़कों के बारे में सोचना बहुत जरूरी है। सरकार हर विभाग को रखरखाव का थोड़ा-बहुत बजट का प्रावधान करती रहती है। भावनात्मक तौर-तरीके से इस समस्या का हल नहीं हो सकता। संबंधित विभागों के साथ बातचीत से ही हल निकाला जा सकता है।

रखरखाव के नजरिये से सरकार कई अहम कदम उठा रही है। हालांकि कई जटिलताएं हैं। कई बार ऐसी सड़कों में होने वाली दुर्घटानाओं में स्थिति और भी परेशानी भरी हो जाती हैं। दुर्घटनाओं के दौरान क्षतिपूर्ति करवाना कई बार सिरदर्द बन जाता है। चूंकि सड़कें पास ही नहीं होती तो इसके लिए कारगर कदम उठाया जाएगा।

विधायक रामलाल ठाकुर ने सुझाव दिया कि गांवों में बनाए गए एंबुलेंस रोड्स पास होने चाहिए चूंकि ये सड़कें हैं ग्रामीणों के भाग्य की रेखाएं इसलिए लिंक रोड्स को पास करवाना बेहद जरूरी है। ये सड़कें हर लिहाज़ से लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। जयराम ठाकुर ने इस सुझाव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों को पास करवाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

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