जन्माष्टमी / प्रसिद्ध मणिमहेश डल झील में शाही छोटा न्हौण पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

On the occasion of Janmashtami festival, devotees took a dip of faith in Manimahesh Dal Lake.
On the occasion of Janmashtami festival, devotees took a dip of faith in Manimahesh Dal Lake.
On the occasion of Janmashtami festival, devotees took a dip of faith in Manimahesh Dal Lake.
On the occasion of Janmashtami festival, devotees took a dip of faith in Manimahesh Dal Lake.
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On the occasion of Janmashtami festival, devotees took a dip of faith in Manimahesh Dal Lake.
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On the occasion of Janmashtami festival, devotees took a dip of faith in Manimahesh Dal Lake.
On the occasion of Janmashtami festival, devotees took a dip of faith in Manimahesh Dal Lake.
On the occasion of Janmashtami festival, devotees took a dip of faith in Manimahesh Dal Lake.

  • पवित्र स्नान का मुहूर्त आज सुबह 8 बजकर 9 मिनट पर शुरू होकर शनिवार सुबह आठ बजकर 39 मिनट तक चलता रहेगा
  • जन्माष्टमी के पर्व पर मणिमहेश में यात्रियों ने हर हर महादेव का उच्चारण कर लगाई आस्था की डुबकी

दैनिक भास्कर

Aug 23, 2019, 06:47 PM IST

धर्मशाला. प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के तहत जन्माष्टमी पर्व पर शुक्रवार को डल झील में शाही छोटा न्हौण पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का झील में आस्था की डुबकी लगाना जारी है। गुरुवार शाम को हजारों की तादाद में शिव भक्त डल झील पहुंच गए थे।

 

शुक्रवार सुबह भी सैकड़ों श्रद्धालु डल झील पर पहुंचे। पवित्र स्नान का मुहूर्त आज सुबह 8 बजकर 9 मिनट पर शुरू होकर शनिवार सुबह आठ बजकर 39 मिनट तक चलता रहेगा। जन्माष्टमी के पर्व पर मणिमहेश में यात्रियों ने हर हर महादेव का उच्चारण कर लगाई आस्था की डुबकी।

 

जन्माष्टमी के पर्व पर पवित्र डल झील पर होने वाले स्नान का अपना अलग महत्व है। मणिमहेश यात्रा अधिकारिक तौर पर 24 अगस्त से आरंभ हो रही है और 6 सितंबर तक चलेगी। यह यात्रा श्री कृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होकर श्री राधा अष्टमी तक चलेगी।

 

मान्यता है कि शिवकुंड में भगवान शिव के मणि रूप के दर्शन होते हैं। एक प्रकाश कैलाश पर प्रकट होकर मणिमहेश झील की ओर बढ़कर उसी में विलीन हो जाता है। इस प्रकाश की तुलना भगवान शिव के गले में पड़े शेषनाग की मणि से की जाती है। यह प्रकाश इस बात का प्रतीक है कि भगवान शिव कैलाश में विराजमान हैं। श्री मणिमहेश यात्रा में शिवकुंड की ऊंचाई 13 हजार 500 मीटर ऊंची है।

 

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