हिमाचल / चायल अस्पताल में 200 की मरीजों की ओपीडी एक डॉक्टर के जिम्मे



One doctor handling OPD of 200 patients a day.
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One doctor handling OPD of 200 patients a day.

  • 25 हजार की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर लेकिन भारी कमियां
  • 15 बिस्तर का इनडोर भरा रहता है,
  • रिकाॅर्ड के मुताबिक  कभी महीने में 15 प्रसव होते हैं

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 07:08 PM IST

चायल. चायल अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ के पद रिक्त होने से हालात काफी खराब हो चुके हैं। यहां आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पद रिक्त होने के कारण जहां लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ है। वहीं मौजूदा स्टाफ पर भारी कार्यभार है। दो जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों समेत पर्यटन नगरी चायल के स्वास्थ्य सुविधाओं के एक मात्र साधन में कार्य दबाव के कारण कई सालों से यहां अतिरिक्त पद बढ़ाने की मांग पूरी करना तो दूर माैजूदा कई पद रिक्त होना लोगों की बड़ी समस्या है।

 

ऐसे अस्पताल को एक डॉक्टर और कम स्टाफ के साथ चलाने और यहां आने वाले मरीजों को होने वाली समस्याओं का अंदाजा लगाना कठिन नहीं, लेकिन सरकार व प्रशासन का इस तरफ ध्यान नहीं है। अस्पताल में डॉक्टर का एक पद, स्टाफ नर्स के तीन, एक्स-रे टेक्नीशियन का एक पद सफाई कर्मचारी का एक पद रिक्त है। एक महिला डॉक्टर के अलावा एक अन्य डॉक्टर की तैनाती की यहां अतिरिक्त जरूरत है। इन कर्मचारियों की कमी के कारण लोग व मौजूदा स्टाफ परेशान है।


दो जिले के लोग आते हैं इस अस्पताल में: यह अस्पताल सोलन व शिमला जिला की 15 पंचायतों के करीब 160 गांव और उप गांवों की 25 हजार आबादी, पर्यटन नगरी चायल आने वाले पर्यटकों के इलाज का एक मात्र साधन है। अस्पताल में हर रोज करीब 200 तक ओपीडी हो जाती है। 15 बिस्तर का इनडोर भरा रहता है, अस्पताल के रिकाॅर्ड के मुताबिक यहां कभी महीने में 15 प्रसव होते हैं।
 

पंद्रह बिस्तर इनडोर, 24 घंटे और एक डॉक्टर: देहात के लोगों को हर समय इलाज के लिए इसके सहारे रहना पड़ता है। आपातकाल में यहां मरीज पहुंचने पर डॉक्टर या स्टाफ न मिले तो यह जिंदगी और मौत का फासला होता है। स्थानीय पंचायतों के प्रधान, पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारी लंबे समय से स्टाफ को तैनात करने की मांग करते रहे हैं।

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