वॉकआउट / जुम्मेबाज नहीं चलेंगे, जुम्मेबाज होंगे फेल



Oppostion walked out, said congress MLA's are being discriminated.
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Oppostion walked out, said congress MLA's are being discriminated.

  • कहकर विपक्ष ने किया सदन से वॉकआउट
  • आरोप- कॉन्ग्रेस के विधायकों के साथ भेदभाव

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 04:48 PM IST

शिमला. विपक्षी नेताओं का सदन से वॉकआउट पंजाब में तो जारी है, बुधवार को हिमाचल विधानसभा सेशन के दौरान ऐसा ही देखने को मिला। जब विपक्षी दल सरकार से उद्घाटनाओं और शिलान्यास के अलावा कॉन्ग्रेस के विधायकों के साथ किए जा रहे भेदभाव पर उलझा। इसके अलावा विधायक निधि पर भी कड़ी चर्चा हुई। आखिरकार जुम्मेबाज नहीं चलेंगे, जुम्मेबाज होंगे फेल का नारा लगाते विपक्ष नेता सदन से वॉकआउट कर गए।  

 

दरअसल प्रश्नकाल के बाद जब शिलाई से कॉन्ग्रेस पार्टी के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने सरकार से पूछा कि विधायक निधि के जो चेक दिए जाने थे, उसे पॉवंटा प्रशासन ने 19 अप्रैल 2019 की तारीख डालकर एडवांस में कैसे दे दिया? जबकि ये चेक मौजूदा वित्तीय वर्ष में दिया जाना था। विधायक निधी से 24 लाख पेंडिंग हैं, पर उन्हें भी खत्म करने की कोशिश की जा रही है। इसपर सीएम जयराम बोले कि ये टाइपिंग एरर है। इसे जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद कॉन्ग्रेस ने प्रदेश में हो रहे उद्घाटनों और शिलान्यासों पर सवाल उठाया। इसपर सीएम ने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार के समय भी यही दर्द था। ये परंपराएं वहीं से शुरू हुई हैं। बोले, सरकारों के बदलने पर जो काम पूरे होते हैं, उसका वर्तमान सरकार ही उद्घाटन करती है। कॉन्ग्रेस सरकार के समय भाजपा के विधायकों के नाम हटाकर हारे हुए कॉन्ग्रेस नेताओं के नाम लगाए गए। इसी दौरान कॉन्ग्रेस विधायकों के साथ हो रहे भेदभाव पर विपक्ष के तीखे तेवर शुरू हो गए। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार हर जगह कॉन्ग्रेस के विधायकों के साथ भेदभाव कर रही है। विधायकों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ अध्यक्ष से विशेषाधिकार हनन के नोटिस पर फैसला देने की मांग की। इसपर अध्यक्ष ने कहा कि ये नोटिस सदन की कार्यवाई के दौरान दिया गया है। इसपर विचार किया जा रहा है। इसपर विपक्ष ने उसी वक्त निर्णय देने की मांग की। दोनों ओर से काफी देर तक बहस हुई। इसके बाद विपक्ष सदन से वॉकआउट कर गया।

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