हिमाचल / प्रधानमंत्री कार्यालय के निमंत्रण पर जब स्थानीय लोग इन्वेस्टर्स मीट को देखने पहुंचे तो उन्हें खाली पंडाल मिले



स्टॉल्स को खाली करते कर्मी स्टॉल्स को खाली करते कर्मी
एग्जिबीशन घूमने आए स्थानीय लोग एग्जिबीशन घूमने आए स्थानीय लोग
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स्टॉल्स को खाली करते कर्मीस्टॉल्स को खाली करते कर्मी
एग्जिबीशन घूमने आए स्थानीय लोगएग्जिबीशन घूमने आए स्थानीय लोग

  • पंडाल को सजाने के लिए जो महंगे फूल व गमले लगाए गए थे सरकारी अधिकारी व कर्मचारी उन्हें भी उठा कर ले गए

 

 

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 04:54 PM IST

धर्मशाला. राइजिंग हिमाचल इन्वेस्टर्स मीट के आयोजन पर स्थानीय लोग जब प्रधानमंत्री कार्यालय के निमंत्रण पर ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट देखने पहुंचे तो उन्हें खाली पंडाल देखकर निराशा ही हाथ लगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट खत्म होते ही लगभग सभी विभागों ने अपने-अपने स्टाल हटा लिए।

 

यहां तक कि पंडाल को सजाने के लिए जो महंगे फूल व गमले लगाए गए थे, सरकारी अधिकारी व कर्मचारी उन्हें भी उठा कर ले जाते दिखाई दिए। बाद में जब स्थानीय लोग भी इन गमलों को उठा कर ले जाने लगे तो पुलिस ने गेट बंद कर सरकरी व निजी वाहनों से इन्हें वापिस इकट्ठा किया।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश के बाद ही आम जनता के लिए पुलिस मैदान में प्रदर्शनी देखने की सुविधा 9 नवंबर को मुहैया करवाई जानी थी। इसमें आम जनता के साथ-साथ स्कूल व काॅलेज सहित अन्य शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थानों के स्टूडेंट्स ने ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के बारे में विस्तृत जानकारी लेनी थी।

 

लेकिन उन्हें पुलिस मैदान में पहुंच कर निराश होकर लौटना पड़ा। पंडाल के भीतर इक्का-दुक्का स्टाल को छोडकर कुछ भी नहीं था। जिससे शनिवार को बच्चों सहित इन्वेस्टर मीट देखने पहुंचे स्थानीय लोग निराश हुए। पुलिस ग्राउंड धर्मशाला में इन्वेस्टर्स मीट से पहले ये कहा गया था कि स्थानीय जनता के लिए एक दिन बाद भी स्टॉल वैसे ही लगे रहेंगे।

 

इसके पीछे का मकसद यही था कि लोग यहां आते और सरकार के विकासात्मक ढांचे के प्रारूप को नजदीक से देखते। शनिवार को जैसे ही स्थानीय लोग यहां पहुंचना शुरू हुए तो पंडाल के भीतर दो से तीन विभागों को छोड़कर सभी के स्टाल यहां से उखड़ चुके थे। इससे यहां पहुंचने वाले स्वयं को ठगा सा महसूस करते दिखे।

 

इस संबंध में जब इंवेट कंपनी के आॅर्गनाइजर निर्वेश प्रताप से बात की गई तो उनका कहना था कि भीतर जितने भी स्टाल लगे थे वह सरकारी विभागों के थे। सरकारी अधिकारीयों ने बताया कि उन्हें इस तरह के निर्देश आलाधिकारी ने नहीं दिए थे कि एक दिन बाद भी स्टाल हैं।

 

निर्वेश प्रताप ने कहा कि हमारा काम तो पंडाल का है वह अभी भी वैसे ही है। डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति ने इस पर अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि इसकी उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है। गमले व फूल का जिम्मा भी इवेंट कंपनी का ही था ऐसे में इस पर भी कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।

 

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