लापरवाही / मांगें न मानने पर पेरेंट्स ने डुबलू स्कूल अनिश्चितकालीन के लिए किया बंद

डुबलू स्कूल काे अभिभावकाें द्वारा अनिश्चितकाल के लिए बंद करने से खाली पड़े क्लास रूम डुबलू स्कूल काे अभिभावकाें द्वारा अनिश्चितकाल के लिए बंद करने से खाली पड़े क्लास रूम
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डुबलू स्कूल काे अभिभावकाें द्वारा अनिश्चितकाल के लिए बंद करने से खाली पड़े क्लास रूमडुबलू स्कूल काे अभिभावकाें द्वारा अनिश्चितकाल के लिए बंद करने से खाली पड़े क्लास रूम

  • विरोध स्कूल में पिछले काफी समय से प्रिंसिपल और शिक्षकों के आठ पद पड़े हुए हैं खाली, इस कारण पेरेंट्स ने लिया फैसला
  • स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई में मुश्किलें आ रही हैं और यहां तैनात शिक्षकों पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है

दैनिक भास्कर

Feb 15, 2020, 01:10 PM IST

शिमला. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल डुबलू काे अभिभावकाें ने अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। अभिभावक अब अपने बच्चाें काे स्कूल नहीं भेज रहे हैं। शुक्रवार को भी स्कूल खाली रहा। करीब 250 स्टूडेंट यहां पढ़ाई कर रहे हैं। डुबलू स्कूल के एसएमसी प्रधान कमल वर्मा का कहना है स्कूल में पिछले काफी समय से प्रिंसिपल और शिक्षकों के आठ पद खाली पड़े हुए हैं।


प्रिंसिपल न होने के कारण इस स्कूल में इतिहास के प्रवक्ता कपिल शर्मा बतौर प्रिंसिपल कार्यभार संभाल रहे हैं, लेकिन उनकी भी ट्रांसफर कर दी गई है। स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई में मुश्किलें आ रही हैं और यहां तैनात शिक्षकों पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है। इसके अलावा डीपीई, ड्राइंग टीचर और टीजीटी आर्ट्स के पद भी खाली पड़े हुए हैं।

कमल ने बताया कि पहले भी इस स्कूल में प्रबंधन समिति की अाेर से अांदाेलन किया जा चुका है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसी स्कूल से डेपुटेशन पर शिक्षकाें काे भेजा गया था। इसे लेकर अभिभावकाें ने यहां काफी दिन तक अांदाेलन किया था।

शिक्षा विभाग गैर जिम्मेदाराना

कमल के मुताबिक शिक्षा विभाग गैर जिम्मेदाराना काम कर रहे हैं। बच्चों की वार्षिक परीक्षा मार्च में हाेनी है। इससे रिजल्ट में विपरीत असर पड़ेगा। इस निर्णय से शिक्षक वर्ग, प्रबंधन समिति और अभिभावक वर्ग असंतुष्ट है। जब तक उन्हें लिखित में अाश्वासन नहीं मिलता है, तब तक वे अपना विराेध प्रदर्शन जारी रखेंगे।


पिछले साल भी किया था प्रदर्शन
डुबलू स्कूल के एसएमसी का कहना है कि पिछले साल भी उन्हें सड़काें पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा था। इस बार भी यही स्थिति है। स्कूल प्रबंधन समिति का कहना है कि उनकी मांग नहीं मानी जा रही है, इसलिए स्कूल खुलते ही बच्चे, एसएमसी, शिक्षक वर्ग और अभिभावक अनिश्चित काल के लिए बहिष्कार कर रहे हैं।
 

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