फर्जी डिग्री मामला / पुलिस ने की एक और गिरफ्तारी, माधव यूनिवर्सिटी में मिलीं 1300 डिग्रियां, प्रशासनिक ब्लॉक सील

मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन
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मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलनमानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन

  • पुलिस रेड में माधव यूनिवर्सिटी में मिले मानव भारती के अटेंडेंस,डिस्पेच रजिस्टर और स्टेंप्स
  • मुख्यमंत्री ने आज सदन में कहा कि सरकार प्रदेश शिक्षा का व्यवसायिकरण नहीं हाेने देगी

दैनिक भास्कर

Mar 11, 2020, 05:58 PM IST

सोलन. फर्जी डिग्री मामले में पुलिस की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने एक और गिरफ्तारी की है। पुलिस ने मानव भारती यूनिवर्सिटी के एक और कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। एसआईटी की टीम ने राजस्थान की माधव यूनिवर्सिटी मे रेड कर वहां से बड़े पैमाने पर मानव भारती के दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।

वहां का प्रशासनिक ब्लॉक सील कर दिया गया है। माधव यूनिवर्सिटी से 1300 डिग्रियां मिली हैं जाे फर्जी बताई जा रही हैं। इसके अलावा मानव भारती यूनिवर्सिटी के चार अटेंडेंस रजिस्टर, चार डिस्पैच रजिस्टर, कंप्यूटर व स्टेंप्स समेत अन्य दस्तावेज मिले हैं। धर्मशाला के एक व्यक्ति से भी इस मामले में पूृछताछ हो रही है।

पुलिस ने मानव भारती यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी हरियाणा निवासी प्रमोद सिंह को गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार की गिरफ्तारी हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक प्रमोद मानव भारती यूनिवर्सिटी में डाटा ऑपरेटर था और कंप्यूटर से संबंधित कामकाज में वही डील करता था।

एसआईटी ने प्रमोद सिंह की निशानदेही पर मंगलवार देर रात 12 बजे राजस्थान में माधव यूनिवर्सिटी में रेड की। वहां से 1300 डिग्रियां मिली हैं जो पुलिस के मुताबिक फर्जी हैं। इसके अलावा मानव भारती यूनिवर्सिटी के अटेंडेंस रजिस्टर, डिस्पेच रजिस्टर और स्टैंप्स भी मिले हैं। पुलिस ने माधव यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक दस्तावेज सील किए हैं।

जांच में पता चला है कि मानव भारती यूनिवर्सिटी में पुलिस की गतिविधियां बढ़ने के बाद यहां के दस्तावेज माधव यूनिवर्सिटी में शिफ्ट किए गए। प्रमोद की निशानदेही पर ही माधव यूनिवर्सिटी के उन कमरों को तलाशा गया जहां यह दस्तावेज रखे गए थे। उधर, मानव भारती यूनिवर्सिटी में बुधवार को भी एसपी और एएसपी सोलन समेत एसआईटी की टीम जांच में जुटी रही और यूनिवर्सिटी के स्टाफ से पूछताछ हो रही है।

इससे पहले शनिवार को सोलन की मानव भारती यूनिवर्सिटी में पुलिस ने रेड की थी और वहां के स्टोर रूम से 10 हजार डिग्रियां मिली थीं। यह एेसे कोर्सिस की डिग्रियां हैं जो पहले ही बंद हो गए थे, लेकिन यह उसके बाद भी दी जा रही थी। पुलिस ने जांच के लिए यूनिवर्सिटी के कंप्यूटरों की 60 हार्ड डिस्क, छह लैपटॉप कब्जे में लिए हैं।  एएसपी सोलन डॉ. शिव कुमार शर्मा ने गिरफ्तारी और रेड की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि माधव यूनिवर्सिटी में रेड के दौरान मानव भारती यूनिवर्सिटी से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं।

फर्जी डिग्रियाें काे लेकर विश्वविद्यालय के खिलाफ प्राप्त शिकायताें की जांच करेगी सरकार
उधर आज विधानसभा सत्र में सीएम ने कहा कि प्रदेश में फर्जी डिग्रियां बेचने वालीं प्राइवेट यूनिवर्सिटीज के खिलाफ प्रदेश सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। फर्जी डिग्रियाें काे लेकर सरकार काे जितनी भी शिकायतें मिली है सरकार उन सभी विश्वविद्यालयों की भी जांच करेगी। फर्जी डिग्री मामले पर सदन में वक्तव्य के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मानव भारती और इंड्स यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री बेचने का मामला सामने आया है। मानव भारती यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री बेचने का काम काफी अरसे से चल रहा है। अब तक की जांच में सामने आया है कि 2009 से लेकर 2015 तक 305 मार्कशीट फर्जी थी। छह मार्च को पुलिस एसआईटी द्वारा रेड के दौरान मानव भारती यूनिवर्सिटी के सभी कंप्यूटर, हार्ड डिस्क समेत पैन ड्राइव कब्जे में ले लिया है। इंडस यूनिवर्सिटी में भी फर्जी डिग्री का मामला सामने आ चुका है। इसकी जांच चली है। इसके साथ-साथ शिमला स्थित एपीजी यूनिवर्सिटी में भी मामला आया है। इसकी जांच स्टेट सीआईडी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुख्ता सबूत आने पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश शिक्षा का व्यवसायिकरण नहीं हाेने देगी।

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