हिमाचल / पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने रक्षामंत्री राजनाथ से की मांग, शिमला में ही रहे आर्मी ट्रेनिंग कमांड



Shimla wrote letter on removing Army training command
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Shimla wrote letter on removing Army training command

  • पत्र में लिखा-बिना किसी स्पष्ट कारण के बदला जा रहा इसे
  • 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों की योजना और संचालन यहीं से हुआ है

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 01:16 PM IST

शिमला. भारतीय सेना के शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आरट्रैक) को मेरठ शिफ्ट करने का विरोध शुरू हाे गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने वीरवार काे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह काे पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि आर्मी ट्रेनिंग कमांड के हैडक्वार्टर को बिना किसी स्पष्ट कारण और औचित्य के शिफ्ट किया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री से सेना मुख्यालय आरट्रैक काे शिमला में ही बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि शिमला और चंडीगढ़ के बीच एयर कनेक्टिविटी की सुविधा है।

 

आनंद शर्मा ने रक्षामंत्री काे लिखे पत्र में कहा है कि शिमला में एयरपोर्ट की सुविधा भी है जबकि मेरठ नया हैडक्वार्टर है। वहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर और एयर कनेक्टिविटी की शिमला जैसी सुविधा नहीं है। आर्मी ट्रेनिंग कमांड काे शिफ्ट करने पर भारी खर्चा हाेगा इसे पहले ही रक्षा मंत्री मान चुके हैं। उनके अनुसार यदि आर्मी ट्रेनिंग कमांड काे बदला जाता है ताे शिमला के गाैरव काे भी नुकसान हाेगा और इससे स्थानीय लाेगाें का राेजगार भी छिन जाएगा।

 

दूसरी और आरट्रैक को हटाने के बारे बताया जा रहा है कि ऐसी योजना इसलिए बनाई जा रही है ताकि खर्च और मुख्यालय से पहाड़ी लोकेशन तक यात्रा करने में होने वाले समय को कम किया जा सके। सेना द्वारा यह कदम कई स्तरों पर किए जा रहे पुनर्गठन का हिस्सा है। मुख्यालय को बेहतर बुनियादी ढांचे के लिए शिमला से बाहर ले जाने के पीछे पुनर्गठन से कमांड की भूमिका में विस्तार का हवाला भी दिया जा रहा है। तर्क दिया जा रहा है कि मेरठ बेहतर स्थान है क्योंकि यह एक्सप्रेस हाईवे से जुड़ा है और यहां तीव्र रेल कॉरिडोर भी तैयार किया जा रहा है।

 

क्या है इतिहास
आरट्रैक की स्थापना से पहले इस ऐतिहासिक भवन में 1864 से 1939 तक भारतीय सेना का मुख्यालय रहा। प्रथम और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान सभी ऑपरेशनों की योजना और संचालन यहीं से हुआ। 1947 में स्वतंत्रता के बाद भारतीय सेना की पश्चिमी कमान बनाई गई और उसका मुख्यालय 1954 से 1985 तक यहीं रहा। 1985 में इसे एक बार चंडीमंदिर बदला गया था। उसके बाद दाेबारा इसे शिमला शिफ्ट किया गया। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों की योजना और संचालन यहीं से हुआ है।

 

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