हिमाचल / राज्यपाल के अभिभाषण के बाद शुरू हुआ विशेष विधानसभा सत्र, जेएनयू में हिंसा के खिलाफ कांग्रेस विधायकाें ने किया प्रोटेस्ट

विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
राज्यपाल को बाहर छो़ड़ने आए सीएम और अन्य राज्यपाल को बाहर छो़ड़ने आए सीएम और अन्य
विधानसभा सत्र के दौरान जेएनयू हिंसा के विरोध में प्रदर्शन करते कांग्रेस विधायक विधानसभा सत्र के दौरान जेएनयू हिंसा के विरोध में प्रदर्शन करते कांग्रेस विधायक
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विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुरविधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
राज्यपाल को बाहर छो़ड़ने आए सीएम और अन्यराज्यपाल को बाहर छो़ड़ने आए सीएम और अन्य
विधानसभा सत्र के दौरान जेएनयू हिंसा के विरोध में प्रदर्शन करते कांग्रेस विधायकविधानसभा सत्र के दौरान जेएनयू हिंसा के विरोध में प्रदर्शन करते कांग्रेस विधायक

  • इस विशेष सत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति संशोधन विधेयक को राज्य विधानसभा  अपनी स्वीकृति प्रदान करेगी
  • लोकसभा से इस 126वें संशोधन विधेयक, 2019 को हाल ही में मंजूरी प्रदान की गई है

दैनिक भास्कर

Jan 07, 2020, 02:13 PM IST

शिमला. आज सुबह करीब 11 बजे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र शुरू हुआ। अपने तीन मिनट से भी कम के अभिभाषण में राज्‍यपाल ने प्रदेश में सुख, स्मृद्धि और खुशहाली की कामना की।

अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही 11 बजकर 30 तक के लिए स्थागित कर दी गई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्‍िनहोत्री ने इस दौरान पूर्व विधायक निंजू राम के निधन पर शोक जताया।

विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल राज्यपाल को सदन से बाहर छोड़ने गए तो पीछे से उपाध्यक्ष हंसराज ने कार्यवाही स्थगित की। इसपर विपक्ष ने चुटकी ली और कहा कि बिंदल मंत्री बनने के चक्कर में कार्यवाही स्थागित करना भूल गए।

इस विशेष सत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति संशोधन विधेयक को राज्य विधानसभा भी अपनी स्वीकृति प्रदान करेगी। लोकसभा से इस 126वें संशोधन विधेयक, 2019 को हाल ही में मंजूरी प्रदान की गई है।

इस संशोधन के अनुसार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के लिए आरक्षण को 10 साल बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है। इससे पहले 2017 में जीएसटी के अनुसमर्थन के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था।

विधानसभा के इस विशेष सत्र को देखते हुए सुरक्षा घेरे को बढ़ा दिया गया है।  विधानसभा से 126वें संशोधन विधेयक, 2019 को स्वीकृति मिलते ही इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जाएगा। जीएसटी के अनुसमर्थन के लिए 2017 में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था।

इसके बाद अाज अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति संशोधन विधेयक को राज्य विधानसभा भी अपनी स्वीकृति प्रदान करने के लिए यह विशेष सत्र बुलाया गया है। बिंदल ने कहा कि राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की स्पीच के लिए अलग से सत्र बुलाया गया था, लेकिन वह विशेष सत्र नहीं था।

जेएनयू हिंसा के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने किया प्रोटेस्ट: इस विशेष सत्र के दौरान सुबह कांग्रेस विधायकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्‍िनहोत्री की अगुवाई में विधायकों ने जेएनयू हिंसा के विरोध में सदन के बाहर नारेबाजी की और केंद्र सरकार को इसके लिए जिम्‍मेदार ठहराया। अग्निहोत्री ने कहा केंद्र सरकार के इशारे पर शैक्षणिक माहौल खराब किया जा रहा है। सरकार रोजगार उपलब्ध करवाने में नाकाम है और जो नकाबपोश छात्रावासों और कैंपस में जाकर छात्रों को पीट रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और इसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है।

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