शिमला / हेरिटेज रेल ट्रैक पर 30 विदेशी पर्यटकों को लेकर फिर दौड़ा 113 साल पुराना स्टीम इंजन



Steam Engine with 30 Foreign Tourist On Heritage Rail Track
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Steam Engine with 30 Foreign Tourist On Heritage Rail Track

  • 113 साल पुराने इंजन ने 2 कोचों को खींचा 
  • रेलवे ने स्टीम इंजनों को संभाल कर रखा है
  • विदेशी मेहमान इंज्वाय करते है इस ट्रैक का

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 03:26 PM IST

शिमला(सतनाम गिल). गुरुवार को हेरिटेज रेल ट्रैक पर एक बार फिर 113 साल पुराना भाप इंजन विदेशी पर्यटकों को लेकर दौड़ा। शिमला से केथलीघाट तक लगभग 22 किलोमीटर ट्रैक पर इंजन के पीछे 2 कोच लगाए गए थे। 

 

इस पर सवार विदेशी पर्यटकों ने देवदार के हरे भरे पेड़ों के बीच से होकर गुजरते ट्रैक पर काफी इंज्वाय किया। रंगदार कोचों में बैठकर घुमावदार रास्तों से जब पर्यटकों ने यहां की हरियाली को देखा तो वे काफी खुश हुए और इस नजारे को अपने कैमरों में कैद किया। 

 

पटरियों पर धुएं के गुब्बार को छोड़ते हुए कोेयले वाले इंजन की दिलकश आवाज से मंत्रमुग्ध हुए विदेशी मेहमानों पर कई एंगल से रेल ट्रैक के साथ सेल्फियां ली और खूब इंज्वाय किया।

 

वर्ष 2008 में यूनेस्को ने इस रेल ट्रैक को विश्व धरोहर के रूप  में शामिल किया था। 1905 में स्टीम इंजन कालका-कैथलीघाट के बीच पहली बार चलाया गया था।

 

इस ट्रैक पर वर्ष 1970 तक भाप इंजन ही चलते थे। इसके बाद डीजल इंजन आने पर भाप इंजन बंद हो गए लेकिन धरोहर के रूप में अब भी उत्तर रेलवे ने कुछ भाप इंजनों को संभाल कर रखा हुआ है।

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