पहल / स्कूल-कॉलेज से भाग जाते थे जंगल, पुलिस ने बनाई दो टीमें; 12 दिन में 100 बच्चे पकड़े

ओमापति जमवाल, एसपी शिमला। ओमापति जमवाल, एसपी शिमला।
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ओमापति जमवाल, एसपी शिमला।ओमापति जमवाल, एसपी शिमला।

  • पुलिस का मकसद- स्कूल-कॉलेज से भागकर बच्चे नशा माफिया के चंगुल में न फंसें
  • बच्चों की गतिविधियों के बारे में उनके अभिभावकों को भी सूचित कर रही पुलिस

दैनिक भास्कर

Dec 04, 2019, 12:39 PM IST

शिमला. पुलिस का शहर के उन जंगल और सुनसान जगहों पर पहरा है जहां स्कूल व कॉलेज से भागने वाले बच्चे पहुंच रहे हैं। शिमला पुलिस ने दो टीमें बनाई हैं जो इन जगहों पर निगरानी रख रही है। पुलिस बच्चों को पकड़ कर उनके अभिभावकों को भी सूचित कर रही है। बीते 12 दिनों में जंगलों से करीब 100 बच्चों को पकड़ा जा चुका है।


शहर के कुछ जंगलों और कुछ सुनसान जगहों पर स्कूल और कॉलेज के समय में ही छात्र पहुंच रहे हैं। शिमला पुलिस ने कुछ जगहों की पहचान की है जहां पर ये बच्चे अक्सर देखे जा रहे हैं। इन जगहों में ढींगू मंदिर, जाखू मंदिर, संजौली के समीट्रि, नबवहार के कब्रिस्तान, इंडस अस्पताल के आसपास, जाखू फाइव बैंच, जाखू में शीशे वाली कोठी व अनाडेल के समीप ग्लेन शामिल हैं। ये वो जगह है जहां आमतौर पर लोग नहीं जाते हैं, या बहुत ही कम लोग यहां से गुजरते हैं। ऐसे में बच्चों ने इन जगहों को चुन रखा है।


बच्चों के अभिभावकों को पुलिस कर रही सूचित

पुलिस अब इन स्थलों पर लगातार निगरानी रख रही है ताकि बच्चों को वहां जाने से रोका जा सके। पुलिस ने इन इलाकों की निगरानी के लिए दो टीमें बना रखी हैं। इन टीमों में आठ जवान हैं। हैड कांस्टेबल से कांस्टेबल रैंक तक के जवानों की टीमें इन इलाकों में सरप्राइज चेकिंग कर रही है।

ड्रग्स माफिया की चपेट में न आएं बच्चे

दरअसल ये वो जगह हैं जहां पर नशे करने की संभावना रहती है। पुलिस का मकसद है कि ये बच्चे नशा माफिया के चंगुल में न फंसे। कई बच्चे दोस्तों की संगत में पड़कर इन जगहों पर पहुंच जाते हैं, जहां वे जिज्ञासावश नशे का सेवन करने लगते हैं। एक बार नशे का स्वाद चखने पर वे इसके आदी हो जाते हैं। ऐसे में नशा माफिया इन बच्चों को अपना शिकार बनाकर अपने मकसद में कामयाब हो रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस का इन जगहों पर अब पहरा लगा हुआ है। इससे बच्चों को नशा माफिया से बचाने में भी मदद मिलेगी।


ढांक से भी न गिरे बच्चे

बच्चे ऐसी जगह पहुंच रहे हैं जहां ढांक से गिरने की संभावना भी रहती है। कुछ समय पहले कैथू के पास जंगलों में ऐसा ही मामला आया था जहां पर एक बच्चा गिर गया था। पुलिस के इस अभियान से बच्चों को ऐसे हादसों से भी बचाया जा सकेगा।


पुलिस रख रही है निगरानीः एसपी जमवाल

एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने बताया कि शहर की कुछ जगहों को चिन्हित किया गया है, जहां स्कूल और कॉलेज के बच्चे अक्सर पहुंच रहे हैं। इन जगहों पर ड्रग्स के इस्तेमाल की संभावना ज्यादा है, ऐसे में बच्चों को समझाया जा रहा है कि वे इन जगहों पर न आएं। अभिभावकों से भी बात कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिस का मकसद बच्चों को सुरक्षित रखना है।

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