फैसला / यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीण रूट मेन सड़काें से जुडेंगे, इन पर चलाई जाएंगी 9 सीटर टैक्सियां



Taxis will be run on the safety of passengers in Himachal
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Taxis will be run on the safety of passengers in Himachal

  • ओवरलाेडिंग और बसाें की शाॅर्टेज काे खत्म करने के लिए सरकार का फैसला
  • प्रबंधकों काे निर्देश दिए हैं कि 500 रूट ऐसे चिन्हित करें जिन पर सबसे ज्यादा ओवरलाेडिंग हाेती है

Jun 28, 2019, 12:42 PM IST

शिमला. शिमला की तर्ज पर अब प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) टैक्सी सेवा शुरू करेगा। बंजार बस हादसे के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। राज्य सरकार का तर्क है कि इससे ओवर लाेडिंग और ग्रामीण रूटों पर बसाें की कमी की समस्या दूर हाेगी। ये बसे गांव के रूट से मेन राेड के बीच चलेंगी।

 

वीरवार काे परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में इसकाे लेकर बैठक हुई। बैठक में परिवहन निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया और एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डा. संदीप भटनागर मौजूद थे। परिवहन मंत्री ने सभी जिलों के आरटीओ और एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधकों काे निर्देश दिए हैं कि 500 रूट ऐसे चिन्हित करें जिन पर सबसे ज्यादा ओवरलाेडिंग हाेती है। इसकी पूरी सूची 15 दिनाें के भीतर तैयार की जाए। उसके बाद एचआरटीसी के आरएम इसकाे लेकर जिला स्तर पर टैंडर निकाल कर टैक्सी सेवा काे शुरू करेंगे।

 

एचआरटीसी टैक्सियों के रूट में पहली प्राथमिकता गांव के स्थानीय व्यक्तियों काे दी जाएगी। 9 सीटर टैक्सी के अलावा ट्रैवलर के रूट भी दिए जाएंगे। इसके अलावा यदि किसी रूट पर बस की ज्यादा डिमांड है ताे वहां पर बसें भी चलाई जाएंगी।

 

निगम प्रबंधन के मुताबिक टैक्सियों काे छाेटे रूट दिए जाएंगे। ये 5 से 10 किमी तक का हाेगा। ये गांव के रूट से मुख्य सड़क काे कनेक्ट करेगी। दिनभर यह टैक्सियां चलती रहेंगी। शिमला में एचआरटीसी ने वर्ष 2005 में शुरू की गई थी। ये शहर के विभिन्न क्षेत्रों से सीटीओ तक चलती हैं।

 

 

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