हिमाचल / बंदर पकड़ने पर अब 1000 रुपए का इनाम देगी सरकार, युवाओं को इसकी ट्रेनिंग भी दी जाएगी

अभी तक बंदर पकड़ने पर युवाओं को 700 रुपए का इनाम देती थी राज्य सरकार। अभी तक बंदर पकड़ने पर युवाओं को 700 रुपए का इनाम देती थी राज्य सरकार।
X
अभी तक बंदर पकड़ने पर युवाओं को 700 रुपए का इनाम देती थी राज्य सरकार।अभी तक बंदर पकड़ने पर युवाओं को 700 रुपए का इनाम देती थी राज्य सरकार।

  • प्रदेश में 6 साल में बंदरों के चलते कृषि और बागवानी क्षेत्र को 324 कराेड़ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ
  • अभी तक बंदर पकड़ने पर युवाओं को 700 रुपए का इनाम देती थी राज्य सरकार

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 12:35 PM IST

शिमला. हिमाचल सरकार ने बंदर को पकड़ने पर अब 1000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। अभी तक ये राशि 700 रुपए थी। साथ ही, बंदर पकड़ने के लिए सरकार युवाओं को ट्रेनिंग भी देगी। प्रदेश में बंदरों के बढ़ते उत्पात और उनसे कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान को देखते हुए यह फैसला लिया गया। 

राज्य के वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि बंदरों का इतना खौफ है कि पिछले दिनों जब वह जाखू मंदिर गए तो अधिकारियों ने उन्हें चश्मा और टोपी खोलने के लिए कहा। अगर कोई टोपी व चश्मा पहन कर जाता है तो बंदर उसे ले जाते हैं।  

कृषि क्षेत्र को 324 करोड़ का नुकसान

राज्य के वन विभाग ने पहली बार बंदरों के चलते कृषि व बागवानी काे हुए नुकसान का ब्योरा दिया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 6 साल में बंदरों से कृषि व बागवानी काे 324 कराेड़ का नुकसान हुआ। इसमें कृषि क्षेत्र काे 184.28 कराेड़ और बागवानी काे 150.1 कराेड़ का नुकसान हुआ।

युवाओं से मदद लेगी सरकार

राज्य सरकार बंदरों काे पकड़ने में स्थानीय युवाओं की मदद ली लेगी। वन विभाग बेरोजगार युवाओं काे बंदर पकड़ने की फ्री ट्रेनिंग भी देगा। वन मंत्री ने बताया कि प्रोफेशनल मंकी कैचर के साथ स्थानीय युवाओं काे ट्रेनिंग देकर इस काम काे करवाया जाएगा।

548 पंचायतों में ज्यादा आतंक
वन विभाग के मुताबिक प्रदेश की 548 पंचायतें बंदरों के आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वन विभाग ने बंदरों की गणना के दाैरान 1100 हाॅट स्पाॅट चिन्हित किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा बंदर पाए जाते हैं।

91 तहसीलों में बंदरों को मारने की है छूट
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डाॅ. सविता ने बताया कि 91 तहसीलों में बंदरों काे वर्मिन घाेषित किया हुआ है। यहां पर बंदरों काे मारा जा सकता है। वाइल्ड लाइफ विंग ने केंद्र काे दाेबारा प्रस्ताव भेजकर वर्ष 2020-21 के लिए भी इन तहसीलों में बंदरों काे वर्मिन घाेषित करने की छूट जारी रखने की मांग उठाई है।

नसबंदी से 4 लाख पोटेंशियल बर्थ राेका
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डाॅ. सविता ने बताया कि वर्ष 2004 में पहली बार बंदरों की गणना की गई थी। उस समय प्रदेश में 3 लाख 19 हजार बंदर पाए गए थे। वर्ष 2015 में हुए गणना के अनुसार प्रदेश में 2 लाख 7 हजार 614 बंदर है। इस साल विभाग दाेबारा बंदराें की गणना का कार्य करने जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बंदरों काे पकड़ कर उनकी नसबंदी कर दाेबारा वहीं छाेड़ दिया जाता है जहां से उन्हें पकड़ा गया होता है। प्रदेश के 8 केंद्रों में बंदरों की नसबंदी की जा रही है। प्रदेश में 1.57 लाख बंदरों की नसबंदी की गई है। इससे 4 लाख पोटेंशियल बर्थ काे राेका गया है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना